कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन संभालने वाले चौधरी राकेश सिंह आज भाजपा के प्रदेश कार्यालय पहुंचे. उन्होंने जनसंपर्क मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के साथ प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत से मुलाकात की. उन्होंने इस दौरान चुनाव लड़ने की इच्छा जताई.
वर्ष 2013 में कांग्रेस द्वारा विधानसभा में सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान नाटकीय तरीके से कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले चौधरी राकेश सिंह को भाजपा में जाने के बाद से अब तक न तो कोई पद मिला और न ही किसी तरह की उन्हें कोई जिम्मेदारी ही सौंपी गई. इससे वे लंबे समय से नाराज चल रहे थे, मगर मौन थे. आज उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी और प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के साथ भाजपा के प्रदेश कार्यालय पहुंचकर संगठन मंत्री सुहास भगत से मुलाकात की.
बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए राकेश सिंह ने कहा कि वे आज मंत्री मिश्रा के साथ संगठन मंत्री से मिले. उन्होंने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि मैं राजनीतिक व्यक्ति हूं और चुनाव लड़ना चाहता हूं. 2013 के बाद से एक तरह से राजनीति से दूर होता गया. अब चुनाव का वक्त है, मुझे प्रदेश की सेवा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुझे पद की लालसा नहीं है, पार्टी टिकट देगी तो वे जरुर चुनाव लड़ेंगे. चौधरी ने कांग्रेस में वापसी पर कहा कि उनकी इस मुद्दे पर किसी से कोई बातचीत नहीं हुई है. कांग्रेस के दलित कार्ड पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस अगर दलित हितैषी होती तो आंबेडकर का टिकट नहीं काटती.
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