मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि राजधानी के बैरसिया के परसोरिया गांव में किसान को जिंदा जलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार दलित ही नहीं समाज के हर वर्ग के व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
आर्य ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने बैरसिया के परसोरिया में दलित को जिंदा जलाने की घटना को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों पर सरकार द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी. आर्य ने कहा कि सरकार दलित ही नहीं समाज के हर वर्ग के व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है. आर्य ने कांग्रेस द्वारा सरकार पर लगाए आरोपों को सिरे से नकारा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस निराधार आरोप लगा रही है. कांग्रेस सिर्फ आरोप लगाना जानती है. कांग्रेस के समय में तो दलितों पर हुई अत्याचार के मामले में एफआईआर भी नहीं लिखी जाती थी.
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को 70 साल के दलित किसान किशोरी लाल पत्नी तंखिया के साथ खेत पर पहुंचे तो दबंग तीरन, उसके बेटे प्रकाश, भतीजे संजू और बलवीर खेत को ट्रेक्टर से जोत रहे थे. किसान ने जब उनका विरोध किया तो उन चारों ने उसे धमकाना शुरु किया. बार-बार विरोध करने पर चारों ने मिलकर किसान के हाथ-पैर पकड़े और पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया. घटना में 90 फीसदी तक जले किसान की अस्पताल में मौत हो गई. घटना के बाद से आरोपी फरार हो गए थे.इस घटना के बाद ग्रामीणों ने घंटों हंगामा किया और किसान को न्याय दिलाने की मांग की. पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या, खेत पर कब्जे की कोशिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि चारों को आज हिरासत में ले लिया है.
कांग्रेस भेजेगी जांच दल
किसान को जिंदा जलाने की घटना की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है. समिति में उन्होंने कैलाश मिश्रा और आसिफ जकी शामिल किया है. कांग्रेस ने इन नेताओं को ये जिम्मेदारी दी है कि वे बैरसिया जाएं और घटनाक्रम की पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर भेंजें. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि दलितों और किसानों की हालत मध्यप्रदेश में बद से बदतर होती जा रही है. कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खुद को किसान पुत्र कहते हैं, लेकिन उन्हें प्रदेश के किसानों की कोई फिक्र नहीं है. कमलनाथ ने कहा कि ये सरकार किसान और दलितों की विरोधी सरकार है.
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