चुनावी साल में बिजली के मुद्दे को लेकर गंभीर सरकार ने प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों के हड़ताल, आंदोलन, धरना-प्रदर्शन पर एस्मा लगाकर रोक लगा दी है.प्रदेश में बिजली के भारी-भरकम बिलों से हो रही परेशानी और इसे लेकर जनता में फैले आक्रोश के बीच चुनावी साल में बिजली कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं.कर्मचारियों के किसी भी प्रकार के आंदोलन या हड़ताल से मानसून सीजन में बिजली व्यवस्था लडख़ड़ाएं न, इसके लिए सरकार ने यह फैसला किया है।
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 22 जून से अगले तीन महीने तक की अवधि के लिए एस्मा लगाया गया है.इस अवधि में बिजली कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारियों की न तो कोई हड़ताल होगी और न ही ऐसी कोई गतिविधि होगी, जिससे कंपनियों के कामकाज पर कोई असर पड़े.गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी छह कंपनियों एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी जबलपुर, मध्यध्पूर्वध्पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों और मप्र पॉवर ट्रांसमिशनध्जनरेटिंग कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे।
खाद्यान्न से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल पर भी प्रतिबंध
पूरी तरह चुनावी मोड में काम कर रही सरकार ने बिजली के साथ ही अनाज की व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के हड़ताल-आंदोलन पर भी एस्मा लगाकर रोक लगा दी है.गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार उचित मूल्य की दुकानों की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्यान्न सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन उपार्जन के तहत आने वाले सभी कर्मचारी इस प्रतिबंध के दायरे में रहेंगे।
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