गुरुवार, 28 जून 2018

सफलता का मुख्य सूत्र है मल्टीपल रिवीजन




 आठ वर्षों तक एक निजी कंपनी में मानव संसाधन प्रबंधक के रूप में कार्यरत रहने के बाद अपने परिजनों द्वारा प्रोत्साहित किये जाने पर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी प्रारंभ की और मात्र डेढ़ वर्षों के परिश्रम से न केवल सफलता प्राप्त की अपितु अखिल भारत में दूसरी रेंक प्राप्त की यह फिल्मी पटकथा सी लगती है, लेकिन बिल्कुल सच्ची कथा है और इसकी नायिका है चार वर्ष के बच्चे की माता अनुकुमारी. 
एमबीए तक शिक्षित अनु ने यह सिद्ध किया कि यदि आपमें प्रतिभा हो और आप सही दिशा में परिश्रम करें तो आप देश की सर्वोच्च परीक्षा में सफल होकर आईएएस अधिकारी बन सकते हैं. ये बातें शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ में यूपीएससी की परीक्षा के बारे में जानकारी लेने आई छात्राओं से कॅरियर सेल की टीम के सदस्यों प्रीति गुलवानिया, अंतिम मौर्य, जयप्रकाश सोलंकी, डॉ. मधुसूदन चौबे ने बताई. डॉ. चौबे ने छात्राओं को यूट्यूब पर उपलब्ध अनुकुमारी के इंटरव्यू के वीडियो की जानकारी देते हुए बताया कि करीब एक घंटे के व्याख्यान में उन्होंने आईएएस अधिकारी बनने के विचार की उत्पत्ति से लेकर इस स्वप्न के साकार होने तक की अपनी यात्रा का बेबाकी से उल्लेख किया है. उनकी आशंकाएं, डर, भ्रम और फिर क्रमश: उत्पन्न होता आत्मविश्वास, तैयारी में आता निखार आदि के बारे में जानते हुए कोई भी नया विद्यार्थी अपने लिए एक रास्ता बना सकता है और उस पर चलकर वह भी अपनी मंजिल प्राप्त कर सकता है. अनुकुमारी ने एनसीईआरटी, संदर्भ पुस्तकें, मानक पुस्तकें, यू-ट्यूब, इंटरनेट आदि का उपयोग किया. लिखने का अभ्यास किया. किताबों के हाशियो में महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट किया. हाइलाइटर की सहायता से मुख्य बातों को किताबों में हाइलाइट किया ताकि उन्हें रिवीजन में मदद मिल सके. उनका मुख्य मंत्र यह है कि किसी एक विषय पर बीस किताबें पढ़ने की अपेक्षा उस विषय की किसी एक स्टेण्डर्ड किताब को बीस बार पढ़ें. मल्टीपल रिवीजन सफलता का मुख्य सूत्र है.
 उन्होंने अपनी तैयारी बिना किसी कोचिंग इंस्टीट्यूट को नियमित रूप से ज्वाइन नहीं किया, बल्कि सेल्फ स्टडी से इतनी बड़ी सफलता प्राप्त की.  इन दिनों कॅरियर सेल द्वारा प्राचार्य डॉ. एनएल गुप्ता के मार्गदर्षन में पदचिह्न श्रृंखला प्रारंभ की गई है, जिसके  अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के सफल युवाओं की कहानी बताकर क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए दिशा सुझाई जा रही है. इसमें ग्यानारायण शर्मा, राहुल मालवीय, सलोनी शर्मा द्वारा सहायता की जा रही है. 
यह एप बहुत साइंटिफिक तरीके से बनाया गया है. और अलग अलग भागों में क्लासिफाइड है. आप अपनी आवश्यकता के अनुसार बेसिक, एडवांस एवं प्रोफेशनल इंग्लिश सीख सकते हैं. अनेक उदाहरणों द्वारा बातों को समझाया गया है. विद्यार्थी इस तरह के अन्य एप्स की जानकारी के लिए कॅरियर सेल में प्रीति गुलवानिया, अंतिम मौर्य, जयप्रकाश सोलंकी, सलोनी शर्मा, किरण वर्मा, ग्यानारायण शर्मा, उमेश राठौड़, राहुल मालवीय से संपर्क करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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