मंगलवार, 23 जनवरी 2018

संविदा कर्मचारियों के साथ सरकार कर रही सौतेला व्यवहार

मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष रमेश राठौर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार संविदा कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. एक ओर सरकार अध्यापकों की मांग पूरी कर रही है, वहीं दूसरी ओर संविदा कर्मचारियों को, जिन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है, उनकी वापसी सहित अन्य मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है. संविदा कर्मचारियों ने आज अपनी लंबित मांगों को लेकर मंत्रालय तक रैली निकाली और प्रदर्शन किया.
संविदा कर्मचारियों ने आज राज्य शिक्षा केन्द्र से पयार्वास भवन से मंत्रालय तक रैली निकालकर प्रदर्शन कर निगम मंडलों के कर्मचारियों के सातवें वेतमान की मांग में शामिल होकर संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया. मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि सरकार ने बिना किसी प्रक्रिया के ग्राम समुदायों और ग्राम पंचायतों के ठहराव प्रस्ताव से नियुक्त हुए शिक्षाकर्मियों, अध्यापकों, गुरूजियों, पंचायत कर्मियों, दैनिक वेतन भोगियों, अतिथि शिक्षकों को नियमित कर दिया, सारी सुविधाएं दे दी, लेकिन विधिवत चयन प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त हुए संविदा कर्मचारी अधिकारियों को नियमित नहीं किया तथा जिन संविदा कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर दी गई थी उनको वापस भी नहीं लिया. उन्होंने कहा कि सरकार संविदा कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है जिसको लेकर संविदा कर्मचारियों ने रैली निकाली. यह रैली संविदा कर्मचारियों सहित निगम मंडल के कर्मचारियों, दैनिक वेतन भोगियों को सातवें वेतनमान से वंचित करने, नियमितीकरण नहीं करने, हटाए गए संविदा कर्मचारियों को अभी तक बहाल नहीं करने के विरोध में निकाली गई. रैली और प्रदर्शन में प्रदेश में सभी विभागों में पदस्थ संविदा कर्मचारी शामिल हुए. कर्मचारियों ने मांग की कि उनकी लंबित मांगों को सराकर जल्द पूरा करे.

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