प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवार को नेपानगर एवं बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों में जाकर गत दिनों आये आंधी तूफान से क्षतिग्रस्त केले की फसल का जायजा लिया.उन्होंने इस दौरान पीडि़त किसानों को ढाढ़स बंधाते हुए संकट की इस घड़ी में उन्हें हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया.मुख्यमंत्री ने फसल निरीक्षण के बाद शाहपुर के सामुदायिक परिसर में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों में शीघ्र ही संशोधन कर केले की फसल क्षति का मुआवजा 13,500 रूपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 1 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर दर से किसानों को राहत दिलायेगी.उन्होंने इस दौरान किसानों को फसल बीमा योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि दिलाने के लिए बीमा कम्पनी व केन्द्र सरकार के अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही.मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि केला उत्पादक पीड़ित किसानों के बिजली के बिल सरकार भरेगी तथा फसल ऋण फिलहाल स्थगित किया जायेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि केले के खेतों में क्षति ग्रस्त फसल हटाकर खेत को साफ करने के कार्य के लिए छोटे व सीमांत किसानों को मजदूरी का भुगतान भी प्रदेश सरकार करेगी.उन्होंने कहा कि इस मजदूरी का भुगतान रोजगार गारंटी योजना से करवाया जायेगा, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से राहत मिल सके.उन्होंने कहा कि केला उत्पादक किसानों के फसल ऋण का ब्याज सरकार भरेगी तथा केले की अगली फसल के लिए बिना ब्याज के किसानों को फसल ऋण उपलब्ध कराया जायेगा.उन्होंने कहा कि केले की फसल बहुत नाजुक होती है, थोड़ी सी आंधी तूफान से एक बार भी अगर तना टेड़ा हो जाये तो पूरा पौधा खराब हो जाता है.इतनी नाजुक फसल का उत्पादन करने वाले किसानों को प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति का अधिकतम मुआवजा दिलाया जायेगा.उन्होंने कहा कि सरकार केला उत्पादक किसानों के साथ है और उन्हें हर संकट से निकाल लेने के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है.

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