मंगलवार, 4 जुलाई 2023

मध्यप्रदेश में खुलेंगे 10 महाविद्यालय, 22 आईटीआई


शिवराज कैबिनेट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के मानदेय वृद्धि के प्रस्ताव को दी मंजूरी

भोपाल। शिवराज सरकार ने मध्यप्रदेश में 10 नए महाविद्यालय और 22 आईटीआई खोलने का फैसला किया है। इसके अलावा 4 महाविद्यालयों में नवीन संकाय और 7 में स्नातकोत्तर विषय प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका एवं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। 

ये फैसले आज शिवराज मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए। बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि 22 विकासखंडों में आइटीआइ स्थापित किए जाएंगे। ये वे विकासखंड हैं, जहां शासकीय अथवा निजी आइटीआइ नहीं हैं। 10 नए कालेज खोलने के साथ चार कालेजों में नए संकाय भी प्रारंभ किए जाएंगे। इसके अलावा बैठक में प्रदेश में 10 नवीन महाविद्यालय की स्थापना, 4 महाविद्यालय में नवीन संकाय तथा 7 महाविद्यालय में स्नातकोत्तर विषय प्रारंभ किए जाने के लिये 589 नवीन पद सृजित करने की मंजूरी दी गई। इसके लिए आवर्ती व्यय भार 33 करोड़ 47 लाख 50 हजार रूपये प्रतिवर्ष एवं अनावर्ती व्यय 105 करोड़ 46 लाख 70 हजार रूपये की स्वीकृति दी गई।

मंत्री ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को 3 हजार रूपये वृद्धि के बाद अब 13 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा और सहायिका एवं मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को 750 रूपये वृद्धि के बाद प्रतिमाह बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय में प्रतिवर्ष 1000 और आँगनवाड़ी सहायिका एवं मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय में 500 रूपये प्रतिवर्ष की वृद्धि की जाएगी। साथ ही 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर सेवानिवृत्ति के समय आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एक लाख 25 हजार रूपये और आँगनवाड़ी सहायिका एवं मिनी आँगनवाड़ी कार्यकताओं को एक लाख रूपये दिये जाएंगे।

माँ अहिल्या देवी कल्याण बोर्ड गठन की स्वीकृति

बैठक में माँ अहिल्या देवी कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा 22 अप्रैल 2023 के आधार पर पाल-गडरिया, धनगर वर्ग के समग्र कल्याण के लिए माँ अहिल्या देवी कल्याण बोर्ड का गठन करने का निर्णय लिया गया। बोर्ड में एक अध्यक्ष एवं 4 सदस्य होंगे। बोर्ड के गठन से पाल-गडरिया, धनगर वर्ग के व्यक्तियों के लिए शासन की कल्याणकारी, जन-हितकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। इस वर्ग की आवश्यकता अनुसार कार्यक्रमों का निर्माण किया जा सकेगा। इससे इस वर्ग के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास को गति प्राप्त हो सकेगी। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम अन्तर्गत “संत रविदास सांस्कृतिक एकता न्यास“ की स्थापना एवं गठन के लिये भी स्वीकृति प्रदान की।


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