मंगलवार, 4 जुलाई 2023

युवाओं के सपनों को मरने नहीं दूंगा : शिवराज

मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना की लांचिंग के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि युवा आगे आएँ, योजना से जुड़ें, आसमान में ऊँची उड़ान भरें और अपने जीवन को सफल और सार्थक बनाये। मैं युवाओं के सप


नों को किसी भी कीमत पर मरने नहीं दूँगा। चिड़िया अपने बच्चों को घोसला नहीं पंख देती है, मैं आज पंख देने आया हूँ और इसीलिए मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना लागू की गई है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज राजधानी में मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना की लांचिंग के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में क्षमता, ऊर्जा, प्रतिभा और टेलेंट है। उद्योगपति और व्यापारिक संस्थान इन्हें काम सिखाएंगे, तो वे उनके प्रतिष्ठान को मालामाल कर देंगे। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और युवाओं के हितों को समान रूप से ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। इससे युवाओं को काम सीखने का मौका मिलेगा और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को स्किल्ड मेनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। योजना के सफल क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश आगे बढ़ेगा। सीखो-कमाओ योजना का संक्षिप्त रूप एस.के.वाय अर्थात् स्काय मतलब आसमान है। युवा आगे आएँ, योजना से जुड़ें, आसमान में ऊँची उड़ान भरें और अपने जीवन को सफल और सार्थक बनाये। मैं युवाओं के सपनों को किसी भी कीमत पर मरने नहीं दूँगा। चिड़िया अपने बच्चों को घोसला नहीं पंख देती है, मैं आज पंख देने आया हूँ और इसीलिए मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना लागू की गई है।

15 अगस्त के पहले होंगी 1 लाख से ज्यादा भर्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास जारी हैं। स्वतंत्रता दिवस पर एक साल में एक लाख सरकारी नौकरियाँ देने की बात कही गई थी। अब तक 55 हजार भर्तियाँ हो चुकी हैं और आगामी 15 अगस्त से पहले एक लाख से अधिक शासकीय भर्तियां हो जाएंगी। रोजगार के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम आदि में स्व-रोजगार के लिए ऋण की व्यवस्था की गई है। युवा स्वयं का स्टार्टअप आरंभ कर सकते हैं। प्रदेश में अब तक 2800 स्टार्टअप कार्यरत हैं। प्रदेश की धरती पर निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास जारी हैं। उद्योगपतियों द्वारा प्रदेश में लगभग 15 लाख 42 हजार 550 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता अभिव्यक्त की गई है।

योजना से अब तक 10 हजार 432 प्रतिष्ठान जुड़े

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में अब तक 10 हजार 432 प्रतिष्ठानों ने पंजीयन करा लिया है और 34 हजार 785 वेकेंसी चिन्हित हैं। प्रदेश के साथ ही प्रदेश के बाहर के प्रतिष्ठानों को भी योजना से जोड़ा जा रहा है। यह देश और दुनिया की अद्भुत और अनूठी योजना है। योजना के क्रियान्वयन से जो फीडबेक सामने आएगा, उसके आधार पर भविष्य में आवश्यक सुधार भी किया जाएगा। हम युवाओं के साथ आगे बढ़ेंगे और मध्यप्रदेश को ऊँचाइयों पर पहुँचाएंगे।


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