आदि शंकराचार्य 'एकात्म यात्रा' ओंकारेश्वर, उज्जैन, पचमठा (रीवा) एवं अमरकंटक से 19 दिसम्बर से प्रारंभ होकर 20 जनवरी तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से धातु संग्रहण कर 21 जनवरी को ओंकारेश्वर पहुंचेगी. इस यात्रा का उद्देश्य आदि शंकराचार्य के दर्शन से समाज को परिचित कराना और उनकी अष्ट धातु की प्रतिमा प्रतिष्ठापित करने के लिए धातु संग्रहण जन-अभियान संचालित करना है.एकात्म यात्रा राज्य आयोजन समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य और आचार्य महासभा के महासचिव स्वामी परमानंद महाराज एवं बीकानेर के स्वामी समवित सोमगिरि महाराज ने जनजातीय संग्रहालय, भोपाल में एकात्म यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की. समीक्षा बैठक के पहले जनजातीय संग्रहालय में एकात्म मीडिया सेन्टर और केन्द्रीय कार्यालय का मंत्रोपचार से शुभारंभ किया गया. प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने एकात्म यात्रा के उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक एकता में आदि गुरू शंकराचार्य के अप्रतिम योगदान के संबंध में जनजागरण, अद्ववैत वेदांत दर्शन में प्रतिपादित जीव, जगत एवं जगदीश के एकात्म बोध के प्रति जन-जागरण और ओंकारेश्वर को विश्व-स्तरीय वेदांत दर्शन केन्द्र के रूप में विकसित करना एकात्म यात्रा का प्रमुख प्रयोजन है. एकात्म यात्रा संस्कृति विभाग एवं जन-अभियान परिषद के संयुक्त सहयोग से आयोजित की जा रही है. प्रमुख सचिव संस्कृति ने बताया कि एकात्म यात्रा के लिये 4 दल बनाए गए हैं. ओंकारेश्वर (खण्डवा) यात्रा दल का नेतृत्व संत स्वामी सम्वित सोनगिरी करेंगे और समन्वयक प्रदीप पाण्डेय होंगे. उज्जैन यात्रा दल का नेतृत्व संत स्वामी परमात्मानंद सरस्वती करेंगे और समन्वय राघवेन्द्र गौतम होंगे. पचमठा (रीवा) यात्रा दल का नेतृत्व संत स्वामी अखिलेश्वरानंद करेंगे और समन्वयक शिव चौबे होंगे और चौथे अमरकंट यात्रा दल का नेतृत्व संत स्वामी हरि हरानंद करेंगे एवं समन्वयक डॉ जितेन्द्र जामदार होंगे. प्रस्तावित 4 यात्रा दलों द्वारा प्रतिदिन जन-संवाद आयोजित किया जाएगा. एकात्म यात्रा के दिनों में कम से कम 140 जिला-स्तरीय जन-संवाद आयोजित किये जाएंगे. जनसंवाद के दौरान आदि शंकराचार्य के जीवन वृत्तांत पर प्रकाश डालते हुए उनके दर्शन से समाज को अवगत कराया जाएगा. एकात्म यात्रा के आखिरी दिन 22 जनवरी को ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य जी की 108 फीट ऊंची अष्ट धातु की विशाल प्रतिमा का शिलान्यास किया जाएगा.
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