विधानसभा में उठा मुद्दा, सरकार साबित कर रही कामचोर
राज्य विधानसभा में आज ग्वालियर जिले में शिक्षकों की उपस्थिति तय करने के लिए शुरु की चैक पोस्ट व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने हंगामा किया. कांग्रेस विधायक ने कहा कि यह शिक्षकों का अपमान है. सरकार शिक्षकों को कामचोर साबित करना चाहती है.
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक लाखनसिंह ने यह मामला उठाया. उन्होंने कहा कि ग्वालियर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने शिक्षकों के लिए चैक पोस्ट व्यवस्था लागू की है. इसके तहत शिक्षकों को विद्यालय में प्रवेश करने से पूर्व विभाग द्वारा नियुक्त अधिकारी के सामने उपस्थिति दर्शाना होता है, उसके बाद वे स्कूल में प्रवेश कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों का अपमान है. सरकार शिक्षकों को कामचोर साबित करना चाहती है. सिंह के इस प्रश्न पर कांग्रेस के अन्य विधायक भी खड़े हुए और इस व्यवस्था का विरोध करते हुए हंगामा करने लगे. इस पर शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी ने कहा कि सरकार ने उपस्थिति के लिए जो एप इंदौर में लागू किया है, उसका साफ्टवेयर तैयार हो रहा है. जल्द ही उपस्थिति एप से सुनिश्चित की जाएगी. उसके बाद चैक पोस्ट व्यवस्था समाप्त हो जाएगी. मंत्री के इस कथन पर कांग्रेस के विधायकों के साथ सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी विरोध जताया. कांग्रेस के विधायकों के हंगामें को देखते हुए पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने विपक्षी सदस्यों की ओर मुखातिब होकर कहा कि हम तो शिक्षा में गुणवत्ता लाने का प्रयास कर रहे हैं, पर आपके राज्य में शिक्षकों को आबकारी दुकानों पर शराब बिकवाई गई. शिक्षा की सर्वाधिक दुर्दशा कांग्रेस राज्य में हुई. इस पर कांग्रेस विधायक हंगामा करते रहे.
किसानों ने किया अर्ध्दनग्न प्रदर्शन
किसानों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव कर अर्धनग्न प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी उपर के कपड़े उताकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन में शामिल होने प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान भोपाल पहुंचे थे. प्रदर्शन में शामिल किसानों का आरोप है कि उनको फसल के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं. सरकार के सभी वादे एकदम खोखले साबित हुए हैं. सूतखोरों से परेशान हो कर किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं. किसानों के इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया. कांग्रेसियों का आरोप है कि प्रदेश में जब से शिवराज सिंह चौहान की सरकार बनी है, तभी से प्रदेश का विकास रुक गया है. किसानों और कांग्रेसियों के विधानसभा घेराव करने की कोशिश में पुलिस ने उन्हें बैरिकेट्स लगाकर रोका. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी भी दी है, कि यदि वह आगे बढ़े तो उन पर लाठीचार्ज कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
राज्य विधानसभा में आज ग्वालियर जिले में शिक्षकों की उपस्थिति तय करने के लिए शुरु की चैक पोस्ट व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने हंगामा किया. कांग्रेस विधायक ने कहा कि यह शिक्षकों का अपमान है. सरकार शिक्षकों को कामचोर साबित करना चाहती है.
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक लाखनसिंह ने यह मामला उठाया. उन्होंने कहा कि ग्वालियर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने शिक्षकों के लिए चैक पोस्ट व्यवस्था लागू की है. इसके तहत शिक्षकों को विद्यालय में प्रवेश करने से पूर्व विभाग द्वारा नियुक्त अधिकारी के सामने उपस्थिति दर्शाना होता है, उसके बाद वे स्कूल में प्रवेश कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों का अपमान है. सरकार शिक्षकों को कामचोर साबित करना चाहती है. सिंह के इस प्रश्न पर कांग्रेस के अन्य विधायक भी खड़े हुए और इस व्यवस्था का विरोध करते हुए हंगामा करने लगे. इस पर शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी ने कहा कि सरकार ने उपस्थिति के लिए जो एप इंदौर में लागू किया है, उसका साफ्टवेयर तैयार हो रहा है. जल्द ही उपस्थिति एप से सुनिश्चित की जाएगी. उसके बाद चैक पोस्ट व्यवस्था समाप्त हो जाएगी. मंत्री के इस कथन पर कांग्रेस के विधायकों के साथ सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी विरोध जताया. कांग्रेस के विधायकों के हंगामें को देखते हुए पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने विपक्षी सदस्यों की ओर मुखातिब होकर कहा कि हम तो शिक्षा में गुणवत्ता लाने का प्रयास कर रहे हैं, पर आपके राज्य में शिक्षकों को आबकारी दुकानों पर शराब बिकवाई गई. शिक्षा की सर्वाधिक दुर्दशा कांग्रेस राज्य में हुई. इस पर कांग्रेस विधायक हंगामा करते रहे.
किसानों ने किया अर्ध्दनग्न प्रदर्शन
किसानों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव कर अर्धनग्न प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी उपर के कपड़े उताकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन में शामिल होने प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान भोपाल पहुंचे थे. प्रदर्शन में शामिल किसानों का आरोप है कि उनको फसल के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं. सरकार के सभी वादे एकदम खोखले साबित हुए हैं. सूतखोरों से परेशान हो कर किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं. किसानों के इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया. कांग्रेसियों का आरोप है कि प्रदेश में जब से शिवराज सिंह चौहान की सरकार बनी है, तभी से प्रदेश का विकास रुक गया है. किसानों और कांग्रेसियों के विधानसभा घेराव करने की कोशिश में पुलिस ने उन्हें बैरिकेट्स लगाकर रोका. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी भी दी है, कि यदि वह आगे बढ़े तो उन पर लाठीचार्ज कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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