राजधानी सहित प्रदेशभर में आज फार्मासिस्ट हड़ताल पर रहे. लंबे समय से ये अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन और धरना देते रहे हैं. आज की इस हड़ताल के बाद अब फार्मासिस्ट प्रदेश में घेराव और धरने प्रदर्शन तेज करेंगे. फार्मासिस्टों की लंबे समय से की जा रही 10 सूत्री मांगों को लेकर आज प्रदेशभर के फार्मासिस्टों ने अस्पतालों में दवा नहीं बांटी. सरकार से अपनी मांगों को मनवाने के लिए पुराने भोपाल में करीब डेढ़ से दो हजार की संख्या में फार्मासिस्ट सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. अस्पतालों में दवा वितरण का काम प्रभावित न हो इसके लिए प्रदेश के अस्पताल प्रबंधन द्वारा दवा बांटने के काम में नर्स, लैब टेक्नीशियन और ड्रेसर को तैनात कर दिया है. संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अंबर सिंह चौहान ने बताया कि फार्मासिस्टों की प्रमुख मांगे प्रदेश में विभिन्न योजनाओं में कार्यरत फार्मासिस्टों के रिक्त पदों के विरूद्ध संविलियन अथवा समायोजन किया जाए, फार्मासिस्ट ग्रेड-2 का वेतनमान के साथ ग्रेड पे रु. 2800 किया जाए, फामेर्सी का पृथक संचालनालय बनाया जाए, बी.फार्मा, एम.फार्मा स्तर के नए पद सृजित किए जाएं, फार्मासिस्टों के पदों में वृद्धि हो, ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, उन स्थानों में बी.फार्मा, एम.फार्मा डिग्रीधारी फार्मासिस्टों को प्राथमिक उपचार की अनुमति दी जाए हैं. इसके अलावा फार्मासिस्ट की अन्य मांगों में प्रदेश में फामेर्सी एक्ट-1948 को सख्ती से लागू किया जाए, क्लीनिकल फामेर्सी सेल व्यवस्था प्रदेश के प्रत्येक चिकित्सालय में लागू की जाए, प्रदेश में संचालित मेडिकल स्टोर्स में 24 घंटे सातों दिन फार्मासिस्ट की उपलब्धता अनिवार्य की जाए और फार्मासिस्टों का प्रमोशन चैनल बनाया जाए हैं.मंगलवार, 5 दिसंबर 2017
फार्मासिस्ट रहे हड़ताल पर, नहीं बंटी दवाएं
राजधानी सहित प्रदेशभर में आज फार्मासिस्ट हड़ताल पर रहे. लंबे समय से ये अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन और धरना देते रहे हैं. आज की इस हड़ताल के बाद अब फार्मासिस्ट प्रदेश में घेराव और धरने प्रदर्शन तेज करेंगे. फार्मासिस्टों की लंबे समय से की जा रही 10 सूत्री मांगों को लेकर आज प्रदेशभर के फार्मासिस्टों ने अस्पतालों में दवा नहीं बांटी. सरकार से अपनी मांगों को मनवाने के लिए पुराने भोपाल में करीब डेढ़ से दो हजार की संख्या में फार्मासिस्ट सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. अस्पतालों में दवा वितरण का काम प्रभावित न हो इसके लिए प्रदेश के अस्पताल प्रबंधन द्वारा दवा बांटने के काम में नर्स, लैब टेक्नीशियन और ड्रेसर को तैनात कर दिया है. संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अंबर सिंह चौहान ने बताया कि फार्मासिस्टों की प्रमुख मांगे प्रदेश में विभिन्न योजनाओं में कार्यरत फार्मासिस्टों के रिक्त पदों के विरूद्ध संविलियन अथवा समायोजन किया जाए, फार्मासिस्ट ग्रेड-2 का वेतनमान के साथ ग्रेड पे रु. 2800 किया जाए, फामेर्सी का पृथक संचालनालय बनाया जाए, बी.फार्मा, एम.फार्मा स्तर के नए पद सृजित किए जाएं, फार्मासिस्टों के पदों में वृद्धि हो, ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, उन स्थानों में बी.फार्मा, एम.फार्मा डिग्रीधारी फार्मासिस्टों को प्राथमिक उपचार की अनुमति दी जाए हैं. इसके अलावा फार्मासिस्ट की अन्य मांगों में प्रदेश में फामेर्सी एक्ट-1948 को सख्ती से लागू किया जाए, क्लीनिकल फामेर्सी सेल व्यवस्था प्रदेश के प्रत्येक चिकित्सालय में लागू की जाए, प्रदेश में संचालित मेडिकल स्टोर्स में 24 घंटे सातों दिन फार्मासिस्ट की उपलब्धता अनिवार्य की जाए और फार्मासिस्टों का प्रमोशन चैनल बनाया जाए हैं.
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