
कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव की हत्या मामले में कोर्ट ने मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. छह बार जमानती वारंट जारी होने के बावजूद आर्य अदालत में उपस्थित नहीं हुए तो सातवीं बार भिंड कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया.
दरअसल, पुलिस ने विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता की अदालत को बताया कि वह जमानती वारंट के आधार पर कार्रवाई नहीं कर पाई है, इसके बाद कोर्ट ने मंत्री के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया. वहीं दूसरी ओर घटना के चश्मदीद गवाह का आरोप है कि मंत्री के लोग केस से हटने के लिए उस पर लगातार दबाव बना रहे हैं, साथ ही 50 लाख का लालच भी दे रहे हैं. इस मामले में कोर्ट ने पहले भी मंत्री लाल सिंह आर्य को आरोपी बनाया था लेकिन हाईकोर्ट से लाल सिंह आर्य को राहत मिल गई थी जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.
ज्ञात हो कि 13 अप्रैल, 2013 को गोहद से निर्वाचित कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में जाटव के साथियों पर आर्य की हत्या करने वालों में शामिल होने का आरोप लगा, मगर पुलिस ने आर्य को आरोपी नहीं बनाया. इस पर जाटव के परिजनों ने आर्य को आरोपी बनाने के लिए भिंड के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता की अदालत में आवेदन दिया, इस पर 19 मई को न्यायाधीश ने आर्य को आरोपी बनाते हुए वारंट जारी किया था.
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