कोलारस विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के पहले यहां संविदा कर्मचारियों की ओर से अपने घरों पर लगाए गए कुछ पोस्टर चर्चा का विषय बन गए हैं.कोलारस एवं बदरवास क्षेत्र में कल कुछ संविदा कर्मचारियों ने अपने घरों पर बैनर लगाए, जिसमें लिखा गया है कि ये घर एक शोषित और पीड़ित दुखी संविदा कर्मचारी का है, कृपया भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वाले वोट मांग कर शर्मिंदा ना करें. बैनर पर यह भी लिखा है कि भाजपा ने 2013 के चुनाव घोषणा पत्र में संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने का वादा किया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, हर बार नियमितीकरण का भरोसा दिला कर हमारे वोट लिए गए, हम आज भी संविदा पर ही काम कर रहे हैं, पहले हमें नियमित करें, फिर वोट मांगने आएं. संविदा कर्मचारी संघ के उमेश शर्मा के अनुसार संविदा कर्मचारी पिछले 15 वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं. भाजपा का घोषणापत्र में किया गया वादा पूरा नहीं हुआ. इसके चलते इस तरह के बैनर लगाए गए हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में कोलारस से कांग्रेस विधायक चुने गए राम सिंह यादव के निधन के कारण यहां उपचुनाव होना है. हालांकि अभी उपचुनाव की घोषणा नहीं हुई है। इस चुनाव को जीतने के लिए भाजपा एवं कांग्रेस ने पूरी ताकत लगा रखी है.
अपनी चाल में उलझे सिंधिया
कोलारस में भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को उन्हीं की चालों में फंसा दिया है. सिंधिया ने अपने 2 प्रमुख विजयपुर विधायक रामनिवास रावत के साथ उज्जैन के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को कोलारस विधानसभा का प्रभारी बनाया था, परंतु दोनों ही कोलारस में कोई खास काम नहीं कर पाए. 3 दिनी दौरे से लौटे सिंधिया ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. उन्होंने पिछोर विधायक केपी सिंह को कोलारस का विधानसभा प्रभारी घोषित कर दिया है. रामनिवास रावत उनके साथ होंगे. इससे एक फायदा तो मिलेगा ही, हारे तो केपी सिंह, जीते तो सिंधिया. बता दें कि केपी सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नजदीकी नेता हैं और सिंधिया विरोधी दबंग विधायक माने जाते हैं.
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कोलारस में भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को उन्हीं की चालों में फंसा दिया है. सिंधिया ने अपने 2 प्रमुख विजयपुर विधायक रामनिवास रावत के साथ उज्जैन के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को कोलारस विधानसभा का प्रभारी बनाया था, परंतु दोनों ही कोलारस में कोई खास काम नहीं कर पाए. 3 दिनी दौरे से लौटे सिंधिया ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. उन्होंने पिछोर विधायक केपी सिंह को कोलारस का विधानसभा प्रभारी घोषित कर दिया है. रामनिवास रावत उनके साथ होंगे. इससे एक फायदा तो मिलेगा ही, हारे तो केपी सिंह, जीते तो सिंधिया. बता दें कि केपी सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नजदीकी नेता हैं और सिंधिया विरोधी दबंग विधायक माने जाते हैं.

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