सोमवार, 8 जनवरी 2018

औद्योगिक विकास के लिए वित्तीय सहायता देगा एमएसएमई विभाग

प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम विनिर्माण उद्यमों को संयत्र एवं मशीनरी में निवेश का 40 फीसदी 5 समान वार्षिक किश्त में उद्योग विकास अनुदान के रूप में दिया जाएगा. एमएसएमई विभाग ने 22 चिन्हित अपात्र इकाईयों को छोड़कर शेष इकाईयों को यह सुविधा उपलब्ध करवाई है.
प्रमुख सचिव एमएसएमई व्ही.एल. कांताराव ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि एमएसएमई विकास नीति 2017 में किए गए प्रावधान के मुताबिक यदि निवेशक मध्यम श्रेणी के विनिर्माण उद्यम स्थापित करने के लिए निजी भूमि क्रय करता है तो ऐसी इकाईयों को इकाई परिसर तक पानी, सड़क और बिजली के लिए अधोसंरचना विकास में किए गए व्यय का 50 फीसदी और अधिकतम 25 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी. निजी औद्योगिक क्षेत्र, बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना, विकास में व्यय हुई राशि का 20 प्रतिशत, अधिकतम 2 करोड़ रुपए की सहायता निजी क्षेत्रों को उपलब्ध करवाई जाएगी. इसमें औद्योगिक क्षेत्र न्यूनतम 5 एकड़ होना चाहिए. बहुमंजिला औद्योगिक परिसर मामले में कारपेट एरिया कम से कम 10 हजार वर्गफीट होना चाहिये. बहुमंजिला औद्योगिक परिसर में 5 इकाईयां कार्यरत होना अनिवार्य है. अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों (ईटीपी, एसटीपी) की स्थापना के निवेश के लिए 50 फीसदी पूंजी अनुदान, अधिकतम 25 लाख रुपए औद्योगिक इकाईयों के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा.

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