रविवार, 21 जनवरी 2018

अध्यापकों की मांगे पूरी, शिक्षा विभाग में होगा संविलियन

 मुंडन कराने के बाद महापंचायत पर बैठ गए थे अध्यापक 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अध्यापकों के अलग-अलग संवर्गों का शिक्षा विभाग में संविलियन होगा. शिक्षकों को जो सुविधाएं मिलती हैं, वह इन अध्यापकों को भी मिलेंगी.  मुख्यमंत्री आज यहां मुख्यमंत्री निवास पर अध्यापक संघों के पदाधिकारियों और अध्यापकों को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यापकों को मिल रही सुविधाओं में स्थानांतरण नीति, गुरुजियों का वरिष्ठता क्रम तथा शिक्षिकाओं के लिए  मातृत्व अवकाश की सुविधा शामिल रहेगी. उन्होंने कहा कि आज के दिन से अध्यापकों के साथ ऐतिहासिक अन्याय दूर हो रहा है. इस प्रदेश में वह दौर भी देखा है जिसमें शिक्षकों को कर्मी बना दिया गया था. हमने प्रदेश में कर्मी कल्चर समाप्त किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक मेहनत और निष्ठा से बच्चों को पढ़ायें और उनका भविष्य बनायें. शिक्षकों का भविष्य राज्य सरकार बनाएगी. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने तय किया है कि बारहवीं कक्षा में सत्तर प्रतिशत अंक लाने वाले बच्चों का प्रवेश मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रमों में होने पर उनकी फीस राज्य सरकार भरेगी. संभाग स्तर पर गुणवत्ता सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे ताकि शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम आयें.
महापंचायत के बाद दिया तोहफा
मुंडन कराने के बाद राजधानी में आज रविवार को अध्यापक अपनी मांगों को लेकर महापंचायत पर बैठे. सुबह से दोपहर तक अध्यापकों ने महापंचायत की और महापंचायत जारी रखते हुए प्रदेश के स्कूलों में कल सोमवार तालाबंदी की चेतावनी दी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री निवास से जब उन्हें बुलावा आया तो अध्यापक वहां पहुंचे. अध्यापकों से चर्चा कर मुख्यमंत्री ने ये घोषणा की.

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