संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय के अधीन संग्रहालय और स्थानीय संग्रहालयों में उन्नयन और विकास कार्य करवाए जाकर नया स्वरूप दिया गया है. वर्ष 2017-18 में अब तक विदिशा, राजगढ़, मंदसौर, भोपाल, सतना, जबलपुर, शहडोल एवं इंदौर के संग्रहालय में उन्नयन एवं विकास कार्य कराए जा चुके हैं. पुरातत्व आयुक्त अनुपम राजन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा केंद्रीय सहायता के तहत स्थानीय संग्रहालयों के उन्नयन एवं विकास कार्य के लिए 877.51 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है. स्वीकृत राशि में से राज्य संग्रहालय भोपाल, गुजरी महल संग्रहालय ग्वालियर एवं नवीन संग्रहालय सिरोंज जिला विदिशा में विकास कार्य कराए जाएंगे. राजन ने पुरातत्व विभाग की वित्तीय वर्ष 2017-18 की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि रायसेन जिले की ग्राम पंचायत हर्रई के ग्राम ढावला में शिव मंदिर के मलवा सफाई कार्य में 4 मंदिर के अवशेष प्रकाश में आए हैं. ए अवशेष 11वीं-12वीं शती ई. के इस क्षेत्र के परमार कालीन शिल्पकला के प्रमाण दर्शाते हैं. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष में अब तक खण्डवा, धार, खरगोन, उज्जैन, बुरहानपुर एवं सीहोर जिले की 12 तहसीलों के 751 ग्रामों का सर्वेक्षण और मुरैना, बैतूल एवं सीहोर जिले की 14 तहसीलों में पूर्ण रूप से सर्वेक्षित कार्य कराए जा चुके हैं. भिंड जिले के गोहद किला में करवाए गए अनुरक्षण कार्य के लिए यूनिस्को के बैंकाक स्थित कार्यालय द्वारा 'यूनेस्को एशियन पेसिफिक हैरिटेज अवार्ड-2107' दिए जाने की घोषणा की गई है. उल्लेखनीय है कि विभिन्न देशों के 43 प्रोजेक्टस में से अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण विशेषज्ञों की समिति द्वारा भारत के 7 प्रोजेक्ट्स का चयन अवार्ड के किया गया है. इसमें गोहद के किला को यह गौरव हासिल हुआ है.
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