मंगलवार, 23 जनवरी 2018

मध्यप्रदेश के रिलायंस नंबर का गुजरात में गलत उपयोग करने वाला गिरफ्तार

कमलेश तिवारी 
मध्यप्रदेश की साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो मध्यप्रदेश के रिलायंस नंबर को गुजरात में गलत उपयोग करने वाले युवक को गिरफ्तार किया है. साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार बीते दिनों रिलायंस कम्युनिकेशन के ग्राहक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया था कि उनकी जानकारी के बगैर उनकी सिम गुजरात में एयरटेल कंपनी में पोर्ट का गई है. साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. जांच के उपरांत सिम का अवैध तरीके से उपयोग करने वाले आरोपी कमलेश तिवारी पिता विश्वनाथ तिवारी निवासी जिला वलसाड गुजरात, को हिरासत में लिया गया.पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी कमलेश द्वारा बताया गया कि उसने फरियादी की मोबाइल सिम का यूपीसी कोड को प्राप्त कर नम्बर को पोर्ट कराया था. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के उपरांत आरोपी कमलेश को कोर्ट में पेश किया गया.
अवैध तरीके से पोर्ट किए जा रहे हैं नंबर
साइबर पुुलिस ने बताया कि इन दिनों रिलायंस कंपनी के अलावा अन्य कंपनियों के सिम धारकों की यह शिकायत मिल रही है कि उनकी सहमति के बगैर अन्य सेवा प्रदाता कंपनियों में अवैध तरीके से यूपीसी कोड प्राप्त कर अन्य उपयोगकर्ता को पोर्ट दिए जा रहे हैं. वर्तमान में मोबाइल नंबर, बैंक खातों, सोशल मीडिया, आधार नंबर, ईमेल आईडी, इनकम टैक्स आदि सेवाओं में सिम नंबर लिंक होने से गंभीर अपराध घटित होने की आशंका बढ़ गई है. सायबर पुलिस के अनुसार रिलायंस के अलावा ऐयरटेल, वोडाफोन बीएसएनएल उपभोक्ताओं की इस तरह की शिकायत उन्हें मिली है. इन शिकायतों के बाद पुलिस ने संबंधित कंपनियों को पत्र लिखकर कार्यवाही करने को कहा है. 
पोर्टआउट नंबर कहीं सिम का हिस्सा तो नहीं
साइबर पुलिस ने प्रदेश के सिम धारकों से आग्रह किया है कि अगर आपकों भी वह मोबाईल नंबर जो रिलायंस कंम्युनिकेशन के वीआईपी नंबर या प्राइम नंबर है, कोई इसे लेने के लिए आफर करता है तो आप पहले इस बात की पुष्टि कर लें कि यह उस पोर्ट आउट नंबर से दिए जाने वाले सिम का हिस्सा तो नहीं है, अगर वह उसका हिस्सा है तो आप भी अनजाने में अपराध का हिस्सा बन सकते हैं.

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