सोमवार, 8 जनवरी 2018

स्कूल-कॉलेजों में निर्वाचन साक्षरता क्लब होंगे गठित

 चुनाव पाठशाला और मतदाता जागरूकता फोरम भी बनेंगे
भारत निर्वाचन आयोग ने भावी और नये मतदाताओं की निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी के लिए सभी स्कूल-कॉलेजों में निर्वाचन साक्षरता क्लब (इलेक्ट्रोरल लिटरेसी क्लब) गठित करने के निर्देश दिया है. इससे विद्यार्थी जहां निर्वाचन साक्षरता की मुख्य धारा में शामिल हो सकेगें वहीं उनकी क्षमता का भी सही उपयोग हो सकेगा. कक्षा 9 से 12 तक छात्र-छात्रा सदस्य के रूप में रहेंगे.
आयोग ने निर्वाचन साक्षरता क्लब के प्रथम बैच के गठन की प्रक्रिया राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी से प्रारंभ करवाने को कहा है. यह क्लब भावी एवं नये मतदाता को सीखने और अनुभव प्राप्त करने का अवसर देगा. निर्वाचन साक्षरता के लिये क्लब एक जीवंत हब के रूप में कार्य करेगा. इससे युवा और भावी मतदाताओं में निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी की पहल हो सकेगी. मतदाता पंजीयन, निर्वाचन प्रक्रिया और संबंधित विषयों पर लक्षित जनसंख्या को शिक्षित किया जा सकेगा. स्कूल और कॉलेज के नये एवं भावी मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपेट से परिचित करवाकर उनकी सत्यता एवं विश्वनीयता से अवगत करवाया जायेगा. विद्यार्थियों में क्षमता विकास के साथ उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया के सभी प्रश्नों की जानकारी भी दी जाएगी. इससे 14 वर्ष की आयु से ही विद्यार्थी निर्वाचन प्रक्रिया से भली-भांति परिचित हो सकेगें. क्लब के गठन से मतदाताओं को यह समझने में सुविधा होगी कि वे वोट की कीमत समझ कर अपने मताधिकार का उपयोग कर सके. क्लब के सदस्यों का उपयोग समुदाय में निर्वाचन साक्षरता बढ़ाने में किया जायेगा. क्लब में कक्षा 9 से 12 वीं तक के विद्यार्थी भावी मतदाता के रूप में शामिल होगे. नये मतदाता महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा जैसे अन्य शैक्षणिक संस्थान से शामिल किये जाएंगे.
स्कूल के विद्यार्थी साक्षरता क्लब का संचालन एक निर्वाचित कार्यकारी समिति केमाध्यम से कर सकेगें. एक या दो शिक्षक नोडल आॅफिसर और मेंटर के रूप में कार्य करेगे. कार्य में उन शिक्षकों को प्रथामिकता दी जायेगी, जिनके पास निर्वाचन कार्य का अनुभव हो. कॉलेज और विश्वविद्यालय में क्लब के सदस्य विद्यार्थी रहेगें. क्लब का संचालन एक कार्यकारी समिति के माध्यम से किया जायेगा. केम्पस एम्बेस्डर क्लब के सदस्य का भी कार्य करेगें तथा वे नोडल अधिकारी को सहयोग करेगे. राजनीति शास्त्र के एक या दो शिक्षक को नोडल आॅफिसर और मेंटर बनाया जायेगा.

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