मंगलवार, 9 जनवरी 2018

नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालाघाट जिले के ग्राम पितकोना में शुरु हुआ साप्ताहिक हाट-बाजार

मध्यप्रदेश के   बालाघाट जिले के आदिवासी बाहुल्य एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्राम पितकोना में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सहयोग से 8 जनवरी को साप्ताहिक हाट-बाजार का शुभारंभ किया है. पितकोना में हाट-बाजार प्रारंभ होने से इस क्षेत्र के ग्रामीण बहुत खुश है. पितकोना में हाट-बाजार लगने से इस क्षेत्र के ग्राम केरेझरी, छुईढोडा, सोधनडोंगरी, बकरकट्टा, चितालखोली, दड़ेकसा, जैतपुरी, बिलालकसा, कोसमबेहरा, चौरिया, मुंडा, तुमा सहित एक दर्जन से अधिक ग्रामों के ग्रामीणों को इस बाजार का लाभ मिलेगा और उन्हें अब जरूरी सामान लेने के लिए लांजी या डाबरी नहीं जाना पड़ेगा. ग्राम पितकोना में अब हर सप्ताह सोमवार को बाजार लगेगा.  बालाघाट जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर बसा है ग्राम पंचायत दड़ेकसा का ग्राम पितकोना. विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य वाला यह ग्राम डाबरी से लांजी जाने वाली सड़क पर बसा है. इस ग्राम में जाने के लिए घने जंगलों से होकर गुजरना पड़ता है. पितकोना और उसके आसपास के ग्रामीणों को बाजार के लिए 15 किलोमीटर दूर डाबरी या 30 किलोमीटर लांजी जाना पड़ता था. इस समस्या को दूर करने के लिए ग्राम पंचायत दड़ेकसा की महिला सरपंच कस्तुरा बाई उईके एवं पति चंदन सिंह उईके ने पहल की और इसमें गांव के सभी लोगों का उन्हें सहयोग मिला.  8 जनवरी  को ग्राम पितकोना में हाकफोर्स के ग्रुप नंबर-04 के कमांडर रामचरण चौधरी ने एक सादे कार्यक्रम में फीता काटकर साप्ताहिक हाट-बाजार का शुभारंभ किया.  चौधरी ने इस अवसर पर ग्राम पंचायत को साप्ताहिक बाजार प्रारंभ करने के लिए अपनी ओर से 5 हजार रुपये की मदद भी प्रदान की है. श्री चौधरी ने ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना करते हुए गांव के युवा शिक्षा के साथ रोजगार के लिए प्रयास करें, उन्हें शासन की ओर से हर संभव मदद दी जायेगी. छात्रावास अधीक्षक  तुकाराम घोरमारे ने इस अवसर पर कहा कि छात्रावास के लिए जरूरी सामग्री खरीदने से उन्हें 30 किलोमीटर दूर लांजी जाना पड़ता था. लेकिन अब छात्रावास के लिए जरूरी सामान पितकोना के बाजार में ही मिल जाएगा.   ग्राम पितकोना में साप्ताहिक बाजार प्रारंभ होने से ग्रामीण बहुत खुश है. गांव के बुजुर्ग बाबूलाल उईके एवं युवा सुमरत परते ने कहा कि बाजार प्रारंभ होने से इस क्षेत्र में रोजगार की संभावना बढ़ जायेगी. ग्रामीणों की मांग है कि शासन पितकोना से लांजी तक पक्की सड़क का निर्माण करा दे, जिससे उनके पिछड़े क्षेत्र को भी आवागमन के साधन सुलभ हो जाएंगे.  साप्ताहिक हाट-बाजार की जरूरत शहरी क्षेत्र में रहने वालों को समझ नहीं आती है. लेकिन दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण इसकी अहमियत अच्छी तरह से जानते और समझते है. साप्ताहिक हाट-बाजार ग्रामीण जनता के लिए केवल जरूरी सामान खरीदने का जरिया ही नहीं होते है, बल्कि वे ग्रामीणों के लिए आपसी मेल-मिलाप एवं संदेशों के आदान-प्रदान करने का अवसर भी प्रदान करते है. साप्ताहिक हाट-बाजार में आदिवासी संस्कृति को करीब से देखा जा सकता है. इस दृष्टि से देखा जाये तो ग्राम पितकोना में साप्ताहिक बाजार का प्रारंभ होना इस क्षेत्र के विकास को गति प्रदान करने वाला साबित होगा. ग्राम पितकोना में हर सप्ताह सोमवार को बाजार लगने से इस क्षेत्र की गरीब जनता को अपनी कोदो, कुटकी व अन्य उपज को बेचने के लिए बाजार मिल जाएगा और उन्हें आय का एक जरिया मिल जाएगा.

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