रविवार, 21 जनवरी 2018

बदली रणनीति के साथ उपचुनाव में उतरेगी भाजपा


 मुंगावली, कोलारस को लेकर भाजपा में बढ़ी चिंता
मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय के चुनाव परिणाम आने के बाद अब भाजपा मुंगावली और कोलारस में होने वाले उपचुनाव को लेकर चिंतित है. भाजपा यहां पर अब बदली रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी. इसके पूर्व भाजपा दोनों ही क्षेत्रों में नाराज कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को साधने का काम संगठन के जरिए करेगी.
नगरीय निकाय के चुनाव परिणाम के बाद संगठन खुलकर यह कहने लगा है कि भीतरघातियों के कारण भाजपा को इस तरह की हार का सामना करना  पड़ा. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान खुद यह स्वीकार कर चुके हैं कि भीतरघातियों के कारण ही भाजपा को इस तरह की हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद अब भाजपा संगठन प्रदेश के मुंगावली और कोलारस में 24 फरवरी को होने वाले उपचुनाव को लेकर चिंतित हो गया है. भाजपा के लिए ये उपचुनाव अब प्रतिष्ठा बन गया है. वैसे तो दोनों ही स्थानों पर मुख्यमंत्री शिवरजासिंह चौहान की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. वहीं कांग्रेस की ओर से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा दांव पर है. भाजपा ने यहां पर सिंधिया के खिलाफ व्यक्तिगत हमले करके माहौल बनाया था, मगर इन हमलों का भाजपा पर उल्टा असर हुआ है. हमलों के कारण भाजपा से मतदाता की दूरी होती दिखाई दी. संघ ने दोनों ही स्थानों पर पहले सिंधिया पर व्यक्तिगत हमले की रणनीति बनाई थी, मगर हमले करने के बाद जब भाजपा के खिलाफ माहौल बनता दिखाई दिया और खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की नाराजगी भी जाहिर हुई तो भाजपा और संघ दोनों चिंतित हुए. संघ द्वारा कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई कि इस तरह के हमलों से भाजपा को नुकसान हो रहा है, तो संघ ने रणनीति बदलकर चुनाव प्रचार में जुटने की बात कही. अब भाजपा दोनों ही स्थानों पर सिंधिया पर व्यक्तिगत हमने न कर विकास के नाम पर मतदाता के बीच जाएगी. संघ के निर्देश के बाद अब भाजपा ने यह रणनीति बनाई है.  भाजपा संगठन ने दोनों ही स्थानों पर चुनाव प्रचार के लिए पहुंच रहे मंत्रियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे क्षेत्र में पहुंचकर भाजपा शासन के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की जानकारी मतदाता को दें. साथ ही यह भी बताएं कि कांग्रेस के कार्यकाल में क्षेत्र में कितना विकास हुआ है. 
भीतरघातियों पर भाजपा रखेगी नजर
भाजपा नई रणनीति के साथ ही भीतरघातियों पर नजर रखने की तैयारी कर चुकी है. संगठन, पदाधिकारियों के माध्यम से भीतरघातियों पर नजर रखेगी. भाजपा को नगरीय निकाय चुनाव में मिली हार के बाद इस बात की चिंता ज्यादा हो रही है. वैसे भी भाजपा में टिकट को लेकर दावेदारों की संख्या खासा है. इन दावेदारों के कारण भाजपा को दोनों ही स्थानों पर भीतरघातियों से भय है. इसके चलते भाजपा प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के पूर्व ही भीतरघातियों को शांत करने के प्रयास में जुटेगी.





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