वाल्मिकी पर टिप्पणी कर माफी मांगी मंत्री अर्चना चिटनिस ने
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| अर्चना चिटनीस |
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में प्रभारी और प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस की जुबान एक बार फिर फिसल गई है. इसके चलते मंत्री वाल्मिकी समाज के निशाने पर आ गर्इं. बाद में मंत्री को माफी मांगनी पड़ी. मंदसौर में आयोजित अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज के महासम्मेलन में उनके भाषण के दौरान फिसली जुबान को लेकर समाज के लोगों ने कार्यक्रम में भारी हंगामा खड़ा कर दिया. दरअसल, प्रभारी मंत्री अर्चना चिटनीस मंच से समाज के लोगों को भाषण दे रही थीं. इसी दौरान इतिहास की चर्चा करते हुए उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के इतिहास का जिक्र करते हुए ऐसी बात बोल दी, जिसके बाद समाज के कई लोग भड़क उठे. उन्होंने वहां भारी हंगामा खड़ा कर दिया. कार्यक्रम में शिरकत करने आए लोगों ने मंत्री अर्चना चिटनीस के भाषण और महेंद्र महर्षि वाल्मीकि के संबोधन को लेकर काफी आपत्ति जताई. उन्होंने मंच पर भाषण दे रही प्रभारी मंत्री का घेराव कर दिया. नाराज लोग वहीं खड़े-खड़े प्रभारी मंत्री से माफी मांगने की मांग करने लगे. हालात को भांपते हुए प्रभारी मंत्री अर्चना चिटनीस काफी घबरा गईं. उन्होंने समाज के लोगों के सामने ही क्षमा याचना करते हुए अपने भाषण पर काफी दुख जताया. प्रभारी मंत्री अर्चना चिटनीस ने माना कि भाषण के दौरान उनके शब्दों से समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई तो वह समाज द्वारा दिए जाने वाले दंड को भी भुगतने को तैयार हैं.प्रभारी मंत्री ने मंच से कहा कि मुझसे भाषण के दौरान कोई गलती हुई और वाल्मीकि समाज के लोग यदि मुझे विष देते हैं तो मैं वह पीने को भी तैयार हूं. हालांकि, भारी हंगामे के बाद समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बीच-बचाव किया और मंच से प्रभारी मंत्री के माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ.
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