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| नंदकुमार सिंह चौहान |
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनैतिक सोच समाप्त हो चुकी है और इन बयानों से वे स्वयं प्रदेश की जनता के सामने हास्यास्पद बनते जा रहे है. उनका पत्रकार वार्ता में दिया गया बयान निरर्थक, बेबुनियाद और मीडिया में अपनी सक्रियता बनाये रखने का एक असफल प्रयास मात्र है. कांग्रेसी नेता बेबुनियाद आरोप लगाकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की धवल कीर्ति को अपनी दूषित मानसिकता का जितना भी कीचड़ उछाले अपने प्रयास में सफल नहीं होंगे. लोकतंत्र में जनता की अदालत सर्वोच्च है इसलिए कांग्रेस के प्रमाण पत्र की आवष्यकता नहीं है. कांग्रेस झूठे आरोपों, धरना, प्रदर्षनों और अलोकतांत्रिक व्यवहारों के चलते प्रदेश की जनता से स्वयं ही दूर हो गई है. कांग्रेस का प्रदेश के विकास से सरोकार नहीं रहा है इसलिए आगामी चुनावों में पूरी तरह अस्तित्व विहीन हो जायेगी.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में प्रदेश में चारों ओर भ्रष्टाचार व्याप्त था, जिसे प्रदेश के मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चौहान ने भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेन्स की नीति अपनाकर समूल नष्ट करने का कार्य किया है. प्रदेश में व्यापम घोटाले को लेकर सीवीआई अपना काम वखूवी कर रही है. व्यापमं घोटाले में कांग्रेस नेताओं की बुरी तरह किरकिरी हो चुकी है. वह सर्वोच्च न्यायालय तक झूठे पाये गये हैं, लेकिन बेशर्मी की पराकाष्ठा देखिए, आरोप लगाने में उन्हें अभी भी शर्म नहीं आ रही है. प्रदेश में सरकार की पारदर्शिता के कारण ही वे लोग पकड़े जाते हैं, जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. वह इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार जांच एजेंसियों की स्वायत्ता की पक्षधर हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पारदर्शिता के साथ प्रदेश का चैमुखी विकास कर प्रदेश को विकसित प्रदेशों की अग्रिम श्रेणी में पहुंचाने का काम किया है. लेकिन कांग्रेस ने तो प्रदेश का विकास ंतो दूर लोगों से बुनियादी सुविधाएं बिजली, सड़क, पानी भी छीन लिया था. वे अक्सर बयानो से प्रदेश की जनता को बरगलाने की कोषीष करते है जो जनता बखूबी जानती है.

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