मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धार जिले के मोहनखेड़ा में गुरुदेव ऋषभचन्द्र सूरीश्वर के 39 वें दीक्षांत दिवस और 61 वें जन्म-दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में घोषणा की कि गौ-संरक्षण के लिए प्रदेश की गौ-शालाओं को 17 रुपए प्रति गाय अनुदान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रेरणा से ही राज्य सरकार ने गौ-संरक्षण के लिए आगर में अभयारण्य का निर्माण प्रारंभ किया है.
समारोह में गुरुदेव ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद स्वरूप स्मृति-चिन्ह भेंट करते हुए मुख्यमंत्री रत्न सम्मान से अलंकृत किया. गुरुदेव ने मुख्यमंत्री को अभिनंदन-पत्र भी भेंट किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गुरुदेव की प्रेरणा से ही समाज के गरीब, मजदूर और बेसहारा वर्ग के लिये मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना शुरू की है. योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि योजना में इन वर्गों के एक करोड़ 82 लाख लोगों ने पंजीयन कराया है.चौहान ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बढ़कर दुनिया में और कुछ नहीं है. राज्य सरकार को जन-कल्याण का मार्ग दिखाने में जैन समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब वर्ग के कल्याण के लिये प्रदेश के बजट में अधिकाधिक राशि व्यय करने के लिए प्रावधान किए गए हैं. अभी प्रदेश में 5 करोड़ 50 लाख गरीब परिवारों को बिना किसी जाति और धर्म के भेदभाव के एक रुपए प्रति किलो की दर से गेहूं, चावल और नमक उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने समारोह में महिला हितग्राहियों को लाटरी पद्धति से स्व-रोजगार के लिए सिलाई मशीनें प्रदान कीं.
गाय मंत्रालय की मांग
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त स्वामी अखिलेश्वरानंद ने मांग की है कि प्रदेश में गौ-मंत्रालय बनाया जाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद किसान हैं और मेरे जैसे कई लोग उनकी मदद करेंगे.मुझे इसके लिए कुछ लोगों का समर्थन भी मिला है. राज्य में गौ मंत्रालय बनने से किसानों को सीधा फायदा होगा. गोरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रहे अखिलेश्वरानंद का कहना है कि गोसेवा के लिए यदि यह मंत्रालय बना दिया जाता है, तो उसके लिए धन जुटाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. कैबिनेट मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री के मन में भी यह मंत्रालय बनाने का विचार है. अखिलेश्वरानंद ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि मंत्रालय का गठन होगा और वह स्वयं इसका प्रभार संभालने के लिए तैयार हैं. अखिलेश्वरानंद का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को वह खत लिख चुके हैं. व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी मंत्रालय के गठन का आग्रह करेंगे, ताकि गोरक्षा तथा गोसेवा को आगे बढ़ाया जा सके.
समारोह में गुरुदेव ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद स्वरूप स्मृति-चिन्ह भेंट करते हुए मुख्यमंत्री रत्न सम्मान से अलंकृत किया. गुरुदेव ने मुख्यमंत्री को अभिनंदन-पत्र भी भेंट किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गुरुदेव की प्रेरणा से ही समाज के गरीब, मजदूर और बेसहारा वर्ग के लिये मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना शुरू की है. योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि योजना में इन वर्गों के एक करोड़ 82 लाख लोगों ने पंजीयन कराया है.चौहान ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बढ़कर दुनिया में और कुछ नहीं है. राज्य सरकार को जन-कल्याण का मार्ग दिखाने में जैन समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब वर्ग के कल्याण के लिये प्रदेश के बजट में अधिकाधिक राशि व्यय करने के लिए प्रावधान किए गए हैं. अभी प्रदेश में 5 करोड़ 50 लाख गरीब परिवारों को बिना किसी जाति और धर्म के भेदभाव के एक रुपए प्रति किलो की दर से गेहूं, चावल और नमक उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने समारोह में महिला हितग्राहियों को लाटरी पद्धति से स्व-रोजगार के लिए सिलाई मशीनें प्रदान कीं.
गाय मंत्रालय की मांग
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त स्वामी अखिलेश्वरानंद ने मांग की है कि प्रदेश में गौ-मंत्रालय बनाया जाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद किसान हैं और मेरे जैसे कई लोग उनकी मदद करेंगे.मुझे इसके लिए कुछ लोगों का समर्थन भी मिला है. राज्य में गौ मंत्रालय बनने से किसानों को सीधा फायदा होगा. गोरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रहे अखिलेश्वरानंद का कहना है कि गोसेवा के लिए यदि यह मंत्रालय बना दिया जाता है, तो उसके लिए धन जुटाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. कैबिनेट मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री के मन में भी यह मंत्रालय बनाने का विचार है. अखिलेश्वरानंद ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि मंत्रालय का गठन होगा और वह स्वयं इसका प्रभार संभालने के लिए तैयार हैं. अखिलेश्वरानंद का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को वह खत लिख चुके हैं. व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी मंत्रालय के गठन का आग्रह करेंगे, ताकि गोरक्षा तथा गोसेवा को आगे बढ़ाया जा सके.
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