प्रदेश में कक्षा-9 से 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल स्टडी मटेरियल के माध्यम से अध्यापन कराने के लिए विकासखण्ड-स्तर के 224 सरकारी विद्यालयों का चयन किया गया है. इन विद्यालयों में वर्चुअल क्लास-रूम बनाए गए हैं.
चयनित विद्यालय में एक कक्ष को लर्निंग एण्ड के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें आवश्यक उपकरण कम्प्यूटर, टी.व्ही., प्रोजेक्टर और कैमरा स्थापित किए गए हैं. वर्चुअल क्लास के माध्यम से अध्यापन कार्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुआ है. प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए यह कक्षाएं उपयोगी साबित हुई हैं. इससे सभी विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट अध्यापन एवं सीखने की प्रक्रिया रुचिकर एवं प्रभावी हुई है. वर्चुअल क्लास-रूम का उपयोग राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षित स्रोत शिक्षकों द्वारा शिक्षण कार्य के लिए किया जा रहा है.
प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को विभिन्न विभागों की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्ति को आनलाइन कर दिया गया है. आठ विभागों की 30 प्रकार की छात्रवृत्ति समग्र शिक्षा पोर्टल के माध्यम से आनलाइन वितरित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है. इस प्रक्रिया में सभी सरकारी, गैर-सरकारी स्कूल, शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत करीब एक करोड़ 48 लाख विद्यार्थियों की प्रोफाइल को आनलाइन कर छात्रवृत्ति की गणना की गई है. प्रत्येक स्कूली विद्यार्थी का समग्र यूनिक आई.डी. के आधार पर उसके स्कूल के डाइस कोड के साथ मेपिंग कर कक्षावार, स्कूलवार नामांकन आनलाइन किए जाने के लिए समग्र शिक्षा पोर्टल तैयार किया गया है. वर्ष 2017-18 में मिशन वन क्लिक में विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है.
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