शाह हुए चिंतित, मांगी जमीनी रिपोर्ट
मध्यप्रदेश में भाजपा द्वारा निकाली जा रही विकास यात्रा सांसदों, विधायकों पर भारी पड़ रही है. कुछ सांसदों को तो विरोध के चलते गांवों में प्रवेश ही नहीं दिया तो कुछ का प्रदर्शन कर विरोध भी हुआ. इस बात की जानकारी जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित को मिली तो उन्होंने संगठन से जमीनी रिपोर्ट मांगी है और कहा कि जल्द ही रुठों को मनाने का जतन किया जाए.
मध्यप्रदेश भाजपा द्वारा इन दिनों विकास यात्राएं निकाली जा रही हैं. इन यात्राओं की शुरुआत को लेकर भाजपा संगठन जितना उत्साहित था, उसे अब यात्राएं शुरु होने के बाद निराशा हाथ लगी. कल यात्राओं का समापन हो जाएगा, मगर ये यात्राएं भाजपा के लिए चिंता का कारण बन गई हैं. करीब एक माह तक चली इन यात्राओं में मंत्रियों के अलावा सांसदों, विधायकों का जमकर विरोध देखा गया. विरोध के चलते प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को तो उनके संसदीय क्षेत्र के पलौड़ा गांव में लोगो ंने प्रवेश करने से ही रोक दिया, बाद में मान मन्नवल पर लोग माने और उनकी बात को सुना. यहां के किसानों की केले की फसल खराब हो गई थी, मगर सरकार उनकी सुन नहीं रही थी. जिससे ये नाराज थे. नंदकुमार सिंह चौहान ही नहीं उनके अलावा सांसद अनूप मिश्रा का भी गांवों में जमकर विरोध हुआ. मिश्रा को लोगों ने नहर नहीं होने पर विरोध किया और साफ कह दिया कि इस बार उन्हें याने भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा. इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री रहे फग्गनसिंंह कुलस्ते को भी मंडला जिले में विरोध का सामना करना पड़ा. कुलस्ते को घंसौर विधानसभा क्षेत्र के ईश्वरपुर से छीतापुर सड़क निर्माण का लेकर लोगों ने घेरा. वहीं श्रम राज्यमंत्री बालकृष्ण पाटीदार को भी विरोध का सामना करना पड़ा है. उन्हें कुंडा नदी पर पुल बनाए जाने की मांग को लेकर उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने घेरा. पाटीदार जब मंच पर बोलने के लिए गए तो उन्हें रोक ििदया. इसके अलावा मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद ज्ञानसिंह और विधायक मंजू दादू का भी क्षेत्र में विरोध हुआ है. इस तरह के विरोध की खबरे जब राष्ट्रीय संगठन तक पहुंची तो अमित शाह चिंतित हुए. उन्होंने पूरे मामले में जमीनी रिपोर्ट मांगी है. शाह ने साफ निर्देश दिए हंै कि किसी भी तरह से हर नाराज वर्ग को मनाया जाए. उन्हें यह बताया जाए कि उनकी मांगों को सरकार पूरा करेगी.
बताया जा रहा है कि अमित शाह अब मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा निकाली जाने वाली जनआशीर्वाद यात्रा के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित रहेंगे. वे इस यात्रा के दौरान यह संदेश कार्यकर्ता को देंगे कि वे गांव-गांव, घर -घर जाएं और भाजपा को मजबूत बनाएं. मुख्यमंत्री की यह यात्रा जुलाई माह में शुरु होगी.
मध्यप्रदेश में भाजपा द्वारा निकाली जा रही विकास यात्रा सांसदों, विधायकों पर भारी पड़ रही है. कुछ सांसदों को तो विरोध के चलते गांवों में प्रवेश ही नहीं दिया तो कुछ का प्रदर्शन कर विरोध भी हुआ. इस बात की जानकारी जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित को मिली तो उन्होंने संगठन से जमीनी रिपोर्ट मांगी है और कहा कि जल्द ही रुठों को मनाने का जतन किया जाए.
मध्यप्रदेश भाजपा द्वारा इन दिनों विकास यात्राएं निकाली जा रही हैं. इन यात्राओं की शुरुआत को लेकर भाजपा संगठन जितना उत्साहित था, उसे अब यात्राएं शुरु होने के बाद निराशा हाथ लगी. कल यात्राओं का समापन हो जाएगा, मगर ये यात्राएं भाजपा के लिए चिंता का कारण बन गई हैं. करीब एक माह तक चली इन यात्राओं में मंत्रियों के अलावा सांसदों, विधायकों का जमकर विरोध देखा गया. विरोध के चलते प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को तो उनके संसदीय क्षेत्र के पलौड़ा गांव में लोगो ंने प्रवेश करने से ही रोक दिया, बाद में मान मन्नवल पर लोग माने और उनकी बात को सुना. यहां के किसानों की केले की फसल खराब हो गई थी, मगर सरकार उनकी सुन नहीं रही थी. जिससे ये नाराज थे. नंदकुमार सिंह चौहान ही नहीं उनके अलावा सांसद अनूप मिश्रा का भी गांवों में जमकर विरोध हुआ. मिश्रा को लोगों ने नहर नहीं होने पर विरोध किया और साफ कह दिया कि इस बार उन्हें याने भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा. इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री रहे फग्गनसिंंह कुलस्ते को भी मंडला जिले में विरोध का सामना करना पड़ा. कुलस्ते को घंसौर विधानसभा क्षेत्र के ईश्वरपुर से छीतापुर सड़क निर्माण का लेकर लोगों ने घेरा. वहीं श्रम राज्यमंत्री बालकृष्ण पाटीदार को भी विरोध का सामना करना पड़ा है. उन्हें कुंडा नदी पर पुल बनाए जाने की मांग को लेकर उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने घेरा. पाटीदार जब मंच पर बोलने के लिए गए तो उन्हें रोक ििदया. इसके अलावा मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद ज्ञानसिंह और विधायक मंजू दादू का भी क्षेत्र में विरोध हुआ है. इस तरह के विरोध की खबरे जब राष्ट्रीय संगठन तक पहुंची तो अमित शाह चिंतित हुए. उन्होंने पूरे मामले में जमीनी रिपोर्ट मांगी है. शाह ने साफ निर्देश दिए हंै कि किसी भी तरह से हर नाराज वर्ग को मनाया जाए. उन्हें यह बताया जाए कि उनकी मांगों को सरकार पूरा करेगी.
बताया जा रहा है कि अमित शाह अब मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा निकाली जाने वाली जनआशीर्वाद यात्रा के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित रहेंगे. वे इस यात्रा के दौरान यह संदेश कार्यकर्ता को देंगे कि वे गांव-गांव, घर -घर जाएं और भाजपा को मजबूत बनाएं. मुख्यमंत्री की यह यात्रा जुलाई माह में शुरु होगी.
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