प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने कहा है कि शिक्षा के लोकव्यापीकरण की ऊंची-ऊंची बातें करने वाले शिवराज मामा की कैबीनेट बैठक में यह साबित हो गया है कि प्रदेश में 97 हजार से ज्यादा प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में बिजली नहीं है. अब चुनाव के साल में उन्हांेने अपने भांजे-भांजियों को सरकारी स्कूलों में बिजली की सुविधा के लिए मंत्रिमंडल ने 271 करोड़ रूपये की मंजूरी दी है. अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि जब सरकारी स्कूलों की इतनी खराब हालत थी तो वे पिछले तेरह-चैदह सालों से क्या कर रहे थे. उन्होंने स्कूली बच्चों से लगातार झूठ बोलकर ‘‘बातों का जमा खर्च’’ ही किया है. उन्होंने कहा कि न केवल बिजली, बल्कि सरकारी स्कूल में अध्यापकों और अन्य सुविधाओं की भी कमी है. ऐसे में बच्चों को अच्छी शिक्षा दिये जाने का दावा खोखला साबित होता है.
शनिवार, 16 जून 2018
97 हजार स्कूलों में बिजली पहुंचाने की अब क्यों याद आयी
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने कहा है कि शिक्षा के लोकव्यापीकरण की ऊंची-ऊंची बातें करने वाले शिवराज मामा की कैबीनेट बैठक में यह साबित हो गया है कि प्रदेश में 97 हजार से ज्यादा प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में बिजली नहीं है. अब चुनाव के साल में उन्हांेने अपने भांजे-भांजियों को सरकारी स्कूलों में बिजली की सुविधा के लिए मंत्रिमंडल ने 271 करोड़ रूपये की मंजूरी दी है. अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि जब सरकारी स्कूलों की इतनी खराब हालत थी तो वे पिछले तेरह-चैदह सालों से क्या कर रहे थे. उन्होंने स्कूली बच्चों से लगातार झूठ बोलकर ‘‘बातों का जमा खर्च’’ ही किया है. उन्होंने कहा कि न केवल बिजली, बल्कि सरकारी स्कूल में अध्यापकों और अन्य सुविधाओं की भी कमी है. ऐसे में बच्चों को अच्छी शिक्षा दिये जाने का दावा खोखला साबित होता है.
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