अपने उत्पादों की बढ़ी कीमतों, कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में किसान सड़कों पर उतरे हैं. सही कीमत न मिलने पर किसानों ने महीनों तक मेहनत से तैयार किए अपने उत्पादों को ही सड़क पर फेंकते हुए विरोध का रास्ता अपनाया है. इस सबके बीच कुछ किसान ऐसे भी हैं जो अपने उत्पाद बर्बाद किए बिना ही विरोध कर रहे हैं.
दरअसल, किसानों ने हड़ताल कर शहरों तक सामान न पहुंचाने का फैसला किया है. इसके लिए जहां कई जगह किसान दूध सड़कों पर बहा रहे हैं, वहीं आंदोलन के केंद्र मध्य प्रदेश के मंदसौर में ही किसानों ने अनोखा तरीका निकाला हैं. यहां दूध फेंकने के स्थान पर उसकी खीर बनाकर बांटी जा रही है. इस खीर को गांववालों में ही बांटा जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक किसानों ने दूध से और भी मिठाइयां बनाई हैं. इससे शहरों में दूध न भेजकर वे विरोध भी दर्ज करा रहे हैं और फेंकना भी नहीं पड़ रहा.
बता दें कि 1 जून से 10 जून तक किसान गांव बंद कर रहे हैं. 10 जून को दोपहर 2 बजे तक भारत बंद बुलाया गया है. विरोध कर रहे किसानों ने शहरों में सब्जी, फल और दूध की आपूर्ति बंद कर दी है. नई दिल्ली के ओखला में सामान की कीमतों में इस कारण उछाल आया है.
दरअसल, किसानों ने हड़ताल कर शहरों तक सामान न पहुंचाने का फैसला किया है. इसके लिए जहां कई जगह किसान दूध सड़कों पर बहा रहे हैं, वहीं आंदोलन के केंद्र मध्य प्रदेश के मंदसौर में ही किसानों ने अनोखा तरीका निकाला हैं. यहां दूध फेंकने के स्थान पर उसकी खीर बनाकर बांटी जा रही है. इस खीर को गांववालों में ही बांटा जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक किसानों ने दूध से और भी मिठाइयां बनाई हैं. इससे शहरों में दूध न भेजकर वे विरोध भी दर्ज करा रहे हैं और फेंकना भी नहीं पड़ रहा.
बता दें कि 1 जून से 10 जून तक किसान गांव बंद कर रहे हैं. 10 जून को दोपहर 2 बजे तक भारत बंद बुलाया गया है. विरोध कर रहे किसानों ने शहरों में सब्जी, फल और दूध की आपूर्ति बंद कर दी है. नई दिल्ली के ओखला में सामान की कीमतों में इस कारण उछाल आया है.
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