भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कांग्रेस से पूछा है कि वह किसानों के मामले में मुलताई की चर्चा क्यों नहीं करती, जहां कांग्रेस शासनकाल में 21 किसानों को अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा था. हमारा मानना है कि मंदसौर की घटना भी दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन हमारी सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए जो कुछ किया जा सकता था, वह सब कुछ किया. वहीं कांग्रेस मुलताई की चर्चा से इसलिए मुंह चुराती है, क्योंकि न इन्होंने किसी की समुचित आर्थिक सहायता की ओर न पात्र लोगों को पात्रतानुसार नौकरी देने का काम किया.
यह बात राकेश सिंह ने बैतूल में कार्यकतार्ओं की बैठक को संबोधित करते हुए कही. सिंह ने कांग्रेस से यह प्रश्न आज बैतूल की धरती से पूछा जहां के मुलताई में 12 जनवरी 1998 को आंदोलन कर रहे 21 किसान कांग्रेस शासन काल में मारे गए थे. मुलताई के पीड़ित परिवारों को कांग्रेस सरकार के वादों पर अमल का इंतजार आज भी बना हुआ है.
सिंह ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश की सरकार किसानों के हित में काम कर रही है. कांग्रेस ने पंजाब में कर्ज माफी की घोषणा की. सिर्फ 5 प्रतिशत किसानों को इसका लाभ हुआ, जितनी कर्जमाफी कांग्रेस ने पंजाब में की है, उससे कही अधिक तो हमने गत 10 मई को एक दिन में अपने किसानों को दे दिया. किसानों को भ्रम में डालने की कोशिश कांग्रेस ने की, लेकिन किसान सजग है. राहुल गांधी ने कर्ज माफी का जो भ्रम फैलाया है, उस बहकावे में किसान नहीं आने वाले. किसान चाहता है कि वह आत्मनिर्भर हो, उसकी आय बढ़े और यह देश के इतिहास में पहली बार होगा कि किसानों की आय दो गुना होगी. मोदी सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य मिले इस दिशा में तेजी से काम किया है. एक समय था जब किसानों को यूरिया के लिए लंबी लाईनों में लगकर लाठियां खाने पर भी यूरिया नहीं मिल पाता था. मोदी सरकार ने यूरिया की काला बाजारी की कमर तोड़ी और नीम कोटेड यूरिया उपलब्ध करवाया, जिससे किसानों को आसानी से खेती के लिए यूरिया मिल रहा है. किसानों के चेहरे पर संतोषजनक भाव है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में लगातार काम किया है. वे स्वयं किसान हैं, किसानों के दुखदर्द को उन्होंने समझा है. कांग्रेस के समय मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा साढ़े 7 लाख हेक्टर हुआ करता था, जिसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किसानों की मेहनत के बल पर 42 लाख हेक्टर तक पहुंचा दिया है. पूरे देश में गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रू. है. भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने गेहूं पर 265 रू. अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देकर उसे 2000 रू. प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं का दाम दिया है. इन 14 वर्षों में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान के नेतृत्व में अद्भुत और अद्वितीय काम हुए हैं. कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का सिरमौर राज्य बना है. कांग्रेस के समय कृषि विकास दर ऋणात्मक हुआ करती थी, जिसे भारतीय जनता पार्टी की किसान हितैषी नीतियों ने 18 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाया है.
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