सपा के बाद अब गोंगपा की झटका देने की तैयारी में
मध्यप्रदेश में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका आज उस वक्त लगा जब बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के साथ विधानसभा चुनाव में गठबंधन करने की बात से इंकार कर दिया. बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने दावा किया कि बसपा प्रदेश में अपने बूते पर चुनाव लड़ेगी. बसपा के पूर्व सपा इसी तरह का झटका कांग्रेस को दे चुकी है. वहीं अब गोंगपा भी कांग्रेस से दूरी बनाती नजर आ रही है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा बीते लंबे समय से बसपा और सपा के साथ गठबंधन करने की बात को लेकर दावे किए जा रहे थे, मगर आज इन दावों को करार झटका लगा है. बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने गठबंधन को लेकर बयान दिया कि वह कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं कर रहे. अहिरवार का कहना है कि कांग्रेस से गठबंधन को लेकर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि बसपा प्रदेश में अपने बूते पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ेगी. उन्होंने दावा किया कि बसपा प्रदेश में 55 से 60 सीटों पर विजय हासिल करेगी. अहिरवार ने कहा कि राज्य में सरकार बनाने में बसपा की अहम भूमिका भी रहेगी.
बसपा प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद राजनीति भी गर्मा गई. प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंंह ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन को लेकर प्रदेश में झूठा प्रचार कर रही है. उन्होंने कहा कि अब तक यह देखा गया कि जिस दल ने भी कांग्रेस का हाथ थामा, उसका बुरा हाल हुआ है. यही वजह है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर तकरार जारी है. वहीं कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को बदनाम करने के लिए इस तरह झूठा प्रचार किया जा रहा है. गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं की चर्चा अन्य दलों से हुई होगी, तभी तो उन्होंने पूर्व में बयान दिए.
सपा पहले ही दे चुकी झटका
कांग्रेस को समाजवादी पार्टी गठबंधन को लेकर पूर्व में ही झटका दे चुकी है. हाल ही में प्रदेश सपा के पदाधिकारियों की लखनऊ में हुई बैठक में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी पदाधिकारियों को संकेत दिए हैं कि वे प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज करें. सपा अपने बूते पर बिना किसी पार्टी के गठबंधन के चुनाव लड़ेगी. सपा प्रमुख अखिलेश यादव जुलाई माह में मध्यप्रदेश आ रहे हैं. वे दो दिनों तक 19 एवं 20 जुलाई को राजधानी भोपाल में रहकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे. इस चर्चा में वे गठबंधन को लेकर भी कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे. हालांकि पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव नहीं लड़ना चाहता है और वे इस तरह का संकेत भी पार्टी पदाधिकारियों को दे चुके हैं.
गोंगपा भी असमंजस में
प्रदेश में बिखरी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ भी कांग्रेस द्वारा गठबंधन कर आदिवासी बहुल विधानसभा सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही जा रही थी, मगर आज हाल ही में गोंगपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए मनमोहन शाह बट्टी बहुजन संघर्ष दल के मंच पर फूलसिंह बरैया के साथ दिखाई दिए. बरैया प्रदेश में तीसरा मोर्चा बनाने जा रहे हैं. इस लिहाज से वे अपने बसपा के पुरानी साथियों और छोटे दलोंं के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद कर रहे हैं. आज उनके मंच पर बट्टी के अलावा गोंगपा के राष्ट्रीय संयोजन गुलजार सिंह मरकाम और बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आईएस मौर्य भी उपस्थित रहे.
मध्यप्रदेश में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका आज उस वक्त लगा जब बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के साथ विधानसभा चुनाव में गठबंधन करने की बात से इंकार कर दिया. बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने दावा किया कि बसपा प्रदेश में अपने बूते पर चुनाव लड़ेगी. बसपा के पूर्व सपा इसी तरह का झटका कांग्रेस को दे चुकी है. वहीं अब गोंगपा भी कांग्रेस से दूरी बनाती नजर आ रही है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा बीते लंबे समय से बसपा और सपा के साथ गठबंधन करने की बात को लेकर दावे किए जा रहे थे, मगर आज इन दावों को करार झटका लगा है. बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने गठबंधन को लेकर बयान दिया कि वह कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं कर रहे. अहिरवार का कहना है कि कांग्रेस से गठबंधन को लेकर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि बसपा प्रदेश में अपने बूते पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ेगी. उन्होंने दावा किया कि बसपा प्रदेश में 55 से 60 सीटों पर विजय हासिल करेगी. अहिरवार ने कहा कि राज्य में सरकार बनाने में बसपा की अहम भूमिका भी रहेगी.
बसपा प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद राजनीति भी गर्मा गई. प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंंह ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन को लेकर प्रदेश में झूठा प्रचार कर रही है. उन्होंने कहा कि अब तक यह देखा गया कि जिस दल ने भी कांग्रेस का हाथ थामा, उसका बुरा हाल हुआ है. यही वजह है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर तकरार जारी है. वहीं कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को बदनाम करने के लिए इस तरह झूठा प्रचार किया जा रहा है. गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं की चर्चा अन्य दलों से हुई होगी, तभी तो उन्होंने पूर्व में बयान दिए.
सपा पहले ही दे चुकी झटका
कांग्रेस को समाजवादी पार्टी गठबंधन को लेकर पूर्व में ही झटका दे चुकी है. हाल ही में प्रदेश सपा के पदाधिकारियों की लखनऊ में हुई बैठक में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी पदाधिकारियों को संकेत दिए हैं कि वे प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज करें. सपा अपने बूते पर बिना किसी पार्टी के गठबंधन के चुनाव लड़ेगी. सपा प्रमुख अखिलेश यादव जुलाई माह में मध्यप्रदेश आ रहे हैं. वे दो दिनों तक 19 एवं 20 जुलाई को राजधानी भोपाल में रहकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे. इस चर्चा में वे गठबंधन को लेकर भी कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे. हालांकि पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव नहीं लड़ना चाहता है और वे इस तरह का संकेत भी पार्टी पदाधिकारियों को दे चुके हैं.
गोंगपा भी असमंजस में
प्रदेश में बिखरी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ भी कांग्रेस द्वारा गठबंधन कर आदिवासी बहुल विधानसभा सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही जा रही थी, मगर आज हाल ही में गोंगपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए मनमोहन शाह बट्टी बहुजन संघर्ष दल के मंच पर फूलसिंह बरैया के साथ दिखाई दिए. बरैया प्रदेश में तीसरा मोर्चा बनाने जा रहे हैं. इस लिहाज से वे अपने बसपा के पुरानी साथियों और छोटे दलोंं के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद कर रहे हैं. आज उनके मंच पर बट्टी के अलावा गोंगपा के राष्ट्रीय संयोजन गुलजार सिंह मरकाम और बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आईएस मौर्य भी उपस्थित रहे.
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