मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब हर मोर्चे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.इसी सिलसिले में विधानसभा के अंदर और बाहर सरकार को घेरने की रणनीति कांग्रेस ने बना ली है.जानकारी के मुताबिक अंतिम सत्र नें कांग्रेस ने विधानसभा में सरकार को घेरने के लिए अविश्वास प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिस पर अंतिम मोहर कमलनाथ लगाएंगे. इसके अलावा आरोप पत्र पर भी पार्टी काम लगभग पूरा कर चुकी है. इस आरोप पत्र में करीब 150 कथित घोटालों का जवाब कांग्रेस इस सरकार से मांगेगी.
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की मानें तो यह कांग्रेस के लिए आखिरी लड़ाई है जिसे जीतने की कोशिश कांग्रेस को करनी है. अभी नहीं तो कभी नहीं की तर्ज पर काम कर रही कांग्रेस ने विधानसभा में सरकार को घेरने की रणनीति पर काम करना शुरु कर दिया है. इस रणनीति में सबसे पहले कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव तैयार किया है जिसपर आखिरी मोहर कमलनाथ लगाएंगे. कमलनाथ 3 जून को भोपाल आने वाले हैं. मुमकिन है कि अगले सप्ताह तक अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह से तैयार होगा. इसके अलावा सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाला एक आरोप पत्र भी जल्दी ही मार्केट में उतारा जाएगा.
कांग्रेस की मानें तो आने वाले 6 महीनों में सरकार को पूरी तरह से बेनकाब करने का काम पार्टी करेगी. कांग्रेस के मुताबिक इस आरोप पत्र के साथ पार्टी जनता के बीच भी जाएगी. वहीं आरोपों का जवाब देने के लिए पार्टी और सरकार दोनों ही पूरी तैयार हैं. सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने विपक्ष से सवाल किया है कि क्या कांग्रेस उन हितग्राहियों से बात करेगी जिनकी जिंदगी सरकारी योजनाओं के फायदे से बदल चुकी है. इस सरकार के कार्यकाल का यह आखिरी विधानसभा सत्र है. इसमें दोनों ही पार्टियां पुरजोर तरीके अपनी बात को जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेंगी. जाहिर है सत्र हंगामेदार रहने की संभावना पूरी है.वहीं चुनाव आते-आते हंगामा सदन से सड़क तक नजर आएगा.
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