प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने कहा है कि किसान आंदोलन से बौखलाई शिवराज सरकार अब किसानों की आवाज उठाने वाले कांग्रेसियों पर झूठी एफआईआर दर्ज कर रही है.
अग्रवाल ने कहा कि इसी तरह का एक मामला जबलपुर में सामने आया है जहां मुख्यमंत्री निवास से फोन आने पर बरगी (जबलपुर) के कांग्रेस नेता जितेन्द्र अवस्थी पर बरगी थाने में लगभग दस दिनों बाद मामला दर्ज किया गया है. बरगी सीएसपी दीपक मिश्रा का कहना है कि मंडी सचिव की सूचना पर मामला दर्ज किया गया है और अपराध सिद्ध होने पर गिरफ्तारी भी की जायेगी. उन्होंने कहा कि यदि किसानों के पक्ष में बोलने पर कांग्रेसियों के खिलाफ मामले दर्ज किये जायेंगे तो हजारों कांग्रेसी किसानों को न्याय दिलाने के लिए जेल जाने के लिए भी तैयार हैं.
अग्रवाल ने कहा कि बरगी कृषि उपज मंडी में 22 मई को कुछ किसान अपनी फसल बेचने पहुंचे थे. वहां मंडी सचिव सुरेश सोनी ने बारदाना न होने की झूठी जानकारी दी. परेशान किसानों ने कांग्रेस नेता जितेन्द्र अवस्थी को मदद के लिए मंडी बुलवाया. अवस्थी के नेतृत्व में जब किसानों ने दो घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर चकाजाम किया तो तहसीलदार, सीएसपी वहां पहुंच गये. उनसे चर्चा करने के बाद यह तय हुआ कि रात भर किसानों के माल की तुलवाई का काम चलेगा.
किसानों से मंडी सचिव ने जब बारदाना नहीं होने की बात कही तो किसानों ने जब गोदाम में जाकर देखा. वहां हजारों की संख्या में बारदाना छिपाकर रखा हुआ था. तब कांग्रेस नेता जितेन्द्र अवस्थी ने किसानों से कहा कि शेड में बारदाना रखा है, उठा लो. किसानों ने बारदाना उठाकर उसमें अपना चना, मसूर भरकर मंडी में ही जमा कर दिया.
अग्रवाल ने कहा कि घटना के नौ दिन बाद बरगी की निष्क्रिय भाजपा विधायक प्रतिभासिंह ने मुख्यमंत्री से बात की. इसके बाद कांग्रेस नेता पर झूठी एफआईआर दर्ज कर दी गयी. कांग्रेस विधायक तरूण भानोट ने भी जबलपुर में कहा कि इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि 22 मई के मामले में एफआईआर मुख्यमंत्री निवास से फोन आने के बाद दसवें दिन दर्ज की गयी. यदि जितेन्द्र अवस्थी का रवैया असंवैधानिक था तो तत्काल एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई?
अग्रवाल ने कहा कि इसी तरह का एक मामला जबलपुर में सामने आया है जहां मुख्यमंत्री निवास से फोन आने पर बरगी (जबलपुर) के कांग्रेस नेता जितेन्द्र अवस्थी पर बरगी थाने में लगभग दस दिनों बाद मामला दर्ज किया गया है. बरगी सीएसपी दीपक मिश्रा का कहना है कि मंडी सचिव की सूचना पर मामला दर्ज किया गया है और अपराध सिद्ध होने पर गिरफ्तारी भी की जायेगी. उन्होंने कहा कि यदि किसानों के पक्ष में बोलने पर कांग्रेसियों के खिलाफ मामले दर्ज किये जायेंगे तो हजारों कांग्रेसी किसानों को न्याय दिलाने के लिए जेल जाने के लिए भी तैयार हैं.
अग्रवाल ने कहा कि बरगी कृषि उपज मंडी में 22 मई को कुछ किसान अपनी फसल बेचने पहुंचे थे. वहां मंडी सचिव सुरेश सोनी ने बारदाना न होने की झूठी जानकारी दी. परेशान किसानों ने कांग्रेस नेता जितेन्द्र अवस्थी को मदद के लिए मंडी बुलवाया. अवस्थी के नेतृत्व में जब किसानों ने दो घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर चकाजाम किया तो तहसीलदार, सीएसपी वहां पहुंच गये. उनसे चर्चा करने के बाद यह तय हुआ कि रात भर किसानों के माल की तुलवाई का काम चलेगा.
किसानों से मंडी सचिव ने जब बारदाना नहीं होने की बात कही तो किसानों ने जब गोदाम में जाकर देखा. वहां हजारों की संख्या में बारदाना छिपाकर रखा हुआ था. तब कांग्रेस नेता जितेन्द्र अवस्थी ने किसानों से कहा कि शेड में बारदाना रखा है, उठा लो. किसानों ने बारदाना उठाकर उसमें अपना चना, मसूर भरकर मंडी में ही जमा कर दिया.
अग्रवाल ने कहा कि घटना के नौ दिन बाद बरगी की निष्क्रिय भाजपा विधायक प्रतिभासिंह ने मुख्यमंत्री से बात की. इसके बाद कांग्रेस नेता पर झूठी एफआईआर दर्ज कर दी गयी. कांग्रेस विधायक तरूण भानोट ने भी जबलपुर में कहा कि इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि 22 मई के मामले में एफआईआर मुख्यमंत्री निवास से फोन आने के बाद दसवें दिन दर्ज की गयी. यदि जितेन्द्र अवस्थी का रवैया असंवैधानिक था तो तत्काल एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई?
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