मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने छुआ विकासखंड के ग्राम जाखावाड़ी में आदिवासियों के विकास के लिये आदिवासी मुखियाओं से विचार-विमर्श किया तथा उनके विचारों से अवगत हुए इस दौरान जिले के लगभग 250 सरपंच, जनप्रतिनिधि और अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने विकास के संबंध में अपने विचार प्रस्तुत किये. सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में विकास के लिये चर्चा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अलग तरह का कार्यक्रम है जिसमें लोगों की बात सुनने की कोशिश की गई और उनकी समस्याओं के निराकरण का प्रयास भी किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पानी की समस्या का समाधान किया जायेगा. इसके लिये छोटे-छोटे तालाब व जल संरचनाओं का निर्माण किया जायेगा. माचागोरा बांध में पानी की उपलब्धता का परीक्षण कराया जायेगा और उसके आधार पर इस क्षेत्र में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाई जायेगी. श्रमिक कल्याण योजना से लाभान्वित करेंगे. उन्होंने श्रमिक कल्याण योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारीगण घास की जमीन व वन भूमि के मामलों का निराकरण करें. उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार आदिवासी सामुदायिक भवन बनाया जायेगा तथा एक ऐसा सांस्कृतिक केन्द्र बनाया जायेगा जहां आदिवासी संस्कृति का संरक्षण हो सके. उन्होंने गोंडी भाषा व संस्कृति के संरक्षण की योजना बनाने के लिये भी कहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह का सम्मेलन करें और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्तिकरण की ओर ले जाये.
चैहान ने रोजगार मेला लगाने के निर्देश भी दिये जिसमें युवा स्व-रोजगार योजनाओं से लोग लाभान्वित हो सकें. मुख्यमंत्री ने वनोपज आधारित कुटीर उद्योग की कार्ययोजना के संबंध में चर्चा कर नशामुक्ति की दिशा में एक अभियान चलाने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना बनाकर प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के छूटे हितग्राहियों को आगामी 4 सालों में लगभग 40 लाख आवास उपलब्ध कराये जायेंगे.
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