बुधवार, 20 जून 2018

जैन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, किया प्रदर्शन



आम आदमी पार्टी ने बुधवार को बोर्ड आफिस चौराहे पर प्रदर्शन कर भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला. मंदसौर हिंसा पर जैन आयोग की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करने की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा कि शिवराज सरकार अपने अधिकारियों को बचाने का काम कर रही है और किसानों के साथ धोखा कर रही है. इससे पहले 1998 में मुलताई गोलीकांड की रिपोर्ट में भी अफसरों को क्लीन चिट दे दी गई थी. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही किसानों के साथ धोखा करती आई हैं. प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकतार्ओं ने मुलताई और मंदसौर के किसानों पर बंदूक से गोली चलाते हुए दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह के मुखौटे लगाते हुए प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए के भोपाल लोकसभा प्रभारी नरेश ठाकुर ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट कहती है कि गोली चलाने में नियमों का पालन नहीं हुआ, पहले पांव में गोली चलानी थी, लेकिन सीधी दागी गई. इस दौरान पुलिस-प्रशासन में सामंजस्य नहीं था. सीएसपी को गोली चलाने की सूचना नहीं दी गई. जिला प्रशासन ने किसानों की मांगें जानने की कोशिश ही नहीं की. इतना ही नहीं अप्रशिक्षित बल ने आंसू गैस के गोले चलाए, जो असफल रहे. सूचना सीएसपी को दी होती तो दोबारा गोली चलाने की नौबत ही न आती. इस गोलीकांड के दौरान सूचना तंत्र फेल हुआ. उन्होंने कहा कि इन बिंदुओं के आधार पर सीधे-सीधे इसके लिए प्रशासन की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए थी, लेकिन आयोग ने प्रशासन और पुलिस को क्लीन चिट दी है तो यह बेहद चौंकाने वाला है. 
उन्होंने कहा कि इसी तरह 1998 में मुलताई में कांग्रेस सरकार ने किसानों पर गोली चलाई थी और इसमें 24 किसानों की मौत हुई थी. तब भी कोई अधिकारी दोषी नहीं पाया गया और किसान व किसान नेताओं को आजीवन कारावास मिला. ये दोनों मामले साफ बताते हैं कि कांग्रेस और भाजपा किसानों के प्रति कैसा रवैया रखती हैं. दोनों पार्टियों के लिए किसानों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है और वे महज अपने चुनावी फायदे के लिए किसानों से हमदर्दी का ढोंग करती हैं. 
आम आदमी पार्टी की मांग
*  जैन आयोग की रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए.
*  वर्तमान भाजपा सरकार यह बताए कि मुलताई के दोषियों पर उसने क्या कार्रवाई की.
*  दोनों ही गोलीकांडों में प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी तय की जाए.
* दोषी अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

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