
प्रदेश में उचित मूल्य दुकानों को बहुउद्देशीय दुकानों में परिवर्तित करने की योजना बनाई गयी है. प्रयोग के तौर पर प्रथम चरण में एक हजार उचित मूल्य दुकानों को बहुउद्देशीय दुकानों में परिवर्तित किया जायेगा. इन दुकानों में उपभोक्ताओं को एमआरपी से न्यूनतम पाँच प्रतिशत की छूट मिलेगी. इस व्यवस्था के संचालन के लिये सहकारिता विभाग द्वारा साफ्टवेयर तैयार किया जाएगा. योजना का मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष प्रस्तुतिकरण किया गया. बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि योजना को पायलट योजना के स्वरूप में क्रियान्वयन किया जाये. क्रियान्वयन स्वरूप परिणामों की जानकारी प्रस्तुत की जाये. इस अवसर पर मुख्य सचिव बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे.
इस मौके पर बताया गया कि उचित मूल्य दुकानों से उपभोक्ताओं को कम दर पर गुणवत्तायुक्त वस्तुएं उपलब्ध होंगी. इससे उचित मूल्य दुकानों के खुले रहने की अवधि बढ़ेगी. उचित मूल्य दुकानों की उपयोगिता बढ़ेगी. प्रदेश में कुल 22 हजार 396 उचित मूल्य दुकानें हैं, जिनमें 18 हजार 96 दुकानें ग्रामीण क्षेत्र में हैं. योजना के क्रियान्वयन के लिये राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ नोडल एजेंसी रहेगा. नीतिगत निर्णयों के लिये आयुक्त सहकारिता की अध्यक्षता में एक सक्षम समिति गठित होगी.
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