राजधानी के लाल परेड मैदान पर हुआ राज्य स्तरीय योगाभ्यासमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि योग अद्भुत वैज्ञानिक विधा है. योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है. शरीर को स्वस्थ रखने का प्रभावी माध्यम है. योग से मन प्रसन्न, बुद्धि प्रखर और शरीर स्वस्थ रहता है. चौहान अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज यहां लाल परेड ग्राउण्ड पर हुए राज्य स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. केन्द्रीय मंत्री सामाजिक अधिकारिता एवं न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. मुख्य अतिथि के रूप में दि योग इनस्टिट्यूट मुंबई की निदेशक, महिला योग गुरू हंसा जयदेव योगेन्द्र उपस्थित थीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग नियमित रूप से करना चाहिए. चौहान ने उनके साथ वर्ष 1998 में हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुये कहा कि एक समय ऐसा लग रहा था, कि मेरे लिये कभी चलना भी संभव नहीं होगा. योग के चमत्कार से आज मैं प्रति-दिन 18 घंटे काम करने में समर्थ हो गया हूँ. योग की महत्ता स्थापित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं योग करें और दूसरों को भी योग के लिए प्रेरित करें. नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ रहेगा. दवाईयों का खर्चा कम होगा. जीवन में नई ऊर्जा और आनंद मिलेगा.
चौहान ने कहा कि योग का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है. हमारे ऋषि-मुनियों ने वर्षों के चिंतन-मनन से जीवन जीने की योग विधा को विकसित किया है. भारत ने ही दुनिया को योग, विश्व बंधुत्व, कल्याण और सद्भावना का संदेश दिया है. योग के लोकव्यापीकरण में स्वामी बाबा रामदेव के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया में योग का प्रतिष्ठापन कराया है.
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक स्वास्थ्य के लिये योग अति आवश्यक है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र संघ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है. दुनिया में आज अनेक देशों में योग हो रहा है. उन्होंने योग की महत्ता को प्रचारित करने में सभी वर्गों के सहयोग की जरूरत बताई.
कार्यक्रम के प्रारंभ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण का सीधा प्रसारण दिखाया गया. प्रारंभ में राष्ट्रगीत वंदे-मातरम् का गायन हुआ. योगाचार्य पं. राधेश्याम मिश्रा ने यौगिक क्रियाओं का संचालन कराया. कार्तिक दास और दामिनी ढ़लाई ने कार्यक्रम का संचालन किया.
ओंकार ध्वनि से शुरु हुआ योगाभ्यास
योगाभ्यास का प्रारंभ ओंकार ध्वनि से हुआ. कार्यक्रम में योगासन, कपालभार्ति, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएं हुईं. योगासन में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशांकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन, शवासन, आदि आसन और नाड़ीशोधन, शीतली, भ्रामरी प्राणायाम कराए गए.
हर वर्ग पर योग विधा के संरक्षण की जिम्मेदारी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजभवन में आयोजित योग कार्यक्रम में कहा कि विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ योग प्रक्रियाएं करने से बहुत लाभ होता है. इसे जीवन में नियमित रूप से और गंभीरता से करने की आवश्यकता है. कार्यक्रम में योग गुरू राजीव जैन त्रिलोक ने आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा तैयार योग प्रक्रियाएँ कराई. कार्यक्रम में लगभग 700 महिलाओं-पुरूषों ने योगाभ्यास किया. राज्यपाल पटेल ने कहा कि योग देश की प्राचीन धरोहरों में से एक है. समाज के हर वर्ग पर योग विधा के संवर्धन एवं संरक्षण की बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि योग हमारी आत्मा को शुद्ध करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों से देश की प्राचीन योग पद्धति को अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में प्रतिष्ठा,सम्मान और लोकप्रियता प्राप्त हुई है. उन्होंने कहा कि गीता में कृष्ण ने एक स्थान पर कहा है कि योग से कर्मो में कुशलता आती है. राज्यपाल ने कहा कि राजभवन में एक मई से स्थापित योग केन्द्र अब निरंतर चलता रहेगा.
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