
मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले को भौतिक एवं व्यवहारिक रूप से खुले मे शौच मुक्त कर स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के अभियान मे जिला प्रशासन का हर एक विभाग शामिल हो चुका है. अधिकारियों के साथ मैदानी अमला भी इस आशय के सतत् प्रयास कर रहा है. कलेक्टर अनुग्रह पी के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. सलोनी सिडाना के कुशल नेतृत्व मे समस्त विभागों के जिलाधिकारी, विकासखंड अधिकारी एवं मैदानी अमला पूरे जिले मे स्वच्छता अभियान को सफल बनाने हेतु सक्रिय है. इसी क्रम मे जनपद जैतहरी की ग्राम पंचायत हर्री मे कलेक्टर एवं सीईओ जिपं. समेत जिले के विभिन्न विभागो के जिलाधिकारी प्रात: 5 बजे पहुंचे एवं ग्रामवासियों को समझाइश दी.
इज्जत बड़ी है या शौचालय की लागत-कलेक्टर अनुग्रह पी ने ग्रामवासियों से चर्चा के दौरान कहा सिर्फ शौचालय के निर्माण एवं उसके उपयोग के लिए संसाधनों का न होना समझ से परे है. शौचालय के उपयोग के प्रति उदासीनता स्वच्छता की समझ न होने को निरूपित करती है. एक सभ्य व्यक्ति से ऐसी अपेक्षा नहीं की जा सकती. आपने सभी ग्रामीणो से कहा सिर्फ सोच सकारात्मक करें रास्ते दिखने प्रारम्भ हो जाएंगे. शादी विवाह मे हम इतना खर्च करते हैं, महंगे मोबाइल रखते हैं इन सब चीजों के लिए संसाधन जुटा लेते हैं बस शौचालय के लिए साधन नहीं जुटा पाते. आपने ग्रामीणो से पूछा क्या शौचालय की लागत इज्जत से बड़ी है. सभी ग्रामीणो ने जवाब दिया नहीं इज्जत का कोई मूल्य नहीं और सबने प्रण लिया सब मिलकर ग्राम पंचायत को खुले मे शौच मुक्त बनाएँगे.
एक व्यक्ति भी अगर खुले मे शौच करता है तो उसका खामियाजा पूरे समुदाय को भुगतना पड़ता है - डॉ सिडाना मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ सलोनी सिडाना ने ग्रामीणो को खुले मे शौच से होने वाले दुष्प्रभावो एवं बीमारियों की जानकारी दी और कहा कि ये रोगाणु क्षेत्र मे किसके घर मे शौचालय है किसके घर मे नहीं है इसमे भेद नहीं करते सभी के लिए समान रूप से घातक हैं. अगर एक व्यक्ति भी खुले मे शौच करता है तो बीमारियो का खतरा बना रहेगा. इसलिए यह आवश्यक है कि सभी लोग समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे और अपने मनुष्य होने का परिचय देतें हुए पंचायत को खुलें में शौच मुक्त बनाए.
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