
अदालत में दर्ज कराया घरेलू हिंसा का मामलापूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज सिंह आज अचानक राजधानी की अदालत पहुंची और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया. उन्होंने दिए अपने आवेदन पत्र में कहा कि उन्हें उनके बेटों नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और अभिमन्यु सिंह ने मेरे घर से बेदखल कर दिया. मेरा भरण पोषण करने से वे इंकार करते हैं.
मध्यप्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज सिंह व्हील चेयर पर अदालत पहुंची. उन्होंने न्यायिक दंडाधिकारी को आवेदन दिया और बेटों नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और अभिमन्यु सिंह के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत की. उन्होंने अदालत को दिए पत्र में कहा कि मेरे बेटों ने मेरे साथ घरेलू हिंसा कर मुझे मेरे निवास से बेदखल कर दिया ओर मेरा भरण पोषण करने से वे इंकार करते हैं. इसके कारण मुझे मजबूरी में न्यायालय की शरण लेनी पड़ी है.
अजयसिंह ने कांग्रेस की उसूलों को रखा ताक में
सरोज सिंह ने कहा कि मेरे पति स्वर्गीय अर्जुन सिंंह द्वारा जीवन पर्यंत कांग्रेस पार्टी में रहकर उनके उन उसूलों पर कार्य किया, जिन उसूलों में महिलाओं का संरक्षण एवं असहाय व्यक्तियों के लिए हमेशा सहयोग करना प्राथमिकता रहा है, परन्तु मेरे पुत्र अजय सिंह द्वारा कांग्रेस पार्टी के उन्हीं उसूलों को ताक में रखकर मुझे मेरे घर से बेदलखल कर दिया गया और मुझे इस अवस्था में एवं 84 वर्ष की उम्र में अपना स्वयं का निवास छोड़कर अलग-अलग जगहों पर रहना पड़ रहा है. सरोज सिंह ने अदालत से अपने निवास में रहने की सहायता चाही और अजयसिंह को उक्त निवास से पृथक किए जाने के आदेश दिए जाने का अनुरोध किया है. उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय अर्जुन सिंह के दो पुत्र मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और अभिमन्यू सिंह है. अभिमन्यु सिंह बैंगलूरु में अपना बिजनेस कर रहे हैं.
सेम वर्मा और बेटी वीणा सिंह के साथ पहुंची थी सरोज सिंह
स्वर्गीय अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज सिंह आज दोपहर करीब 12 बजे राजधानी की अदालत में व्हील चेयर पर पुत्री वीणा सिंह और बैतूल निवासी एनआरआई उद्योगपति सेम वर्मा के साथ व्ही चेयर पर पहुंची थी. वे इन दिनों दोनों बेटों से अलग दिल्ली में रह रही हैं. अदालत में उन्होंने कहा कि मेरे बेटे अजय सिंह ने भोपाल स्थित केरवा कोठी पर अपन कब्जा जमा लिया है, उन्हें उनसे कब्जा लेकर मेरा मकान मुझे दिलाया जाए. उन्होंने कहा कि मुझे मेरा निवास होने के बावजूद इधर-उधर रहना पड़ रहा है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें