मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि एकात्म यात्रा सामाजिक सरोकारों से जुड़ा सांस्कृतिक अभियान है. यात्रा के दौरान आगामी 19 दिसंबर से 22 जनवरी तक सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा. इस अभियान में बेटी बचाओ और महिला सुरक्षा को भी जोड़ा गया है. यात्रा के दौरान बलात्कारी को फांसी की सजा का कानून लागू कराने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री चौहान ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एकात्म यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी यात्रा को सर्वव्यापी बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ें. इस अद्वितीय और अदभूत अभियान का नेत्तृव संत गण करेंगे. आदि शंकराचार्य ने भारत को सांस्कृतिक रूप से एक किया था. उन्होंने अद्वेत दर्शन दिया और देश की चारों दिशाओं में चार धामों की स्थापना की. ओंकारेश्वर में उनकी विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी. एकात्म यात्रा के दौरान प्रदेश की प्रत्येक पंचायत और नगरों के वार्डो से धातु के कलश में मिट्टी एकत्रित की जाएगी जिसका उपयोग प्रतिमा के आधार निर्माण में किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य समाज को एकात्म करना है. प्रदेश के उज्जैन, ओंकारेश्वर, पचमठा और अमरकंटक से यह यात्रा निकलेगी . यात्रा के दौरान जनसंवाद के कार्यक्रम होंगे. इस दौरान स्थानीय भजन मंडलिया प्रस्तुति देंगी. संकल्प पत्र का वाचन किया जाएगा. हर जिले में दो मुख्य जनसंवाद के कार्यक्रम होंगे. संभाग मुख्यालय पर आदि शंकराचार्य स्त्रोत का समूह गायन होगा. इसके अलावा चित्रकला, निबंध और श्लोक गायन प्रतियोगिता भी होगी.
जनअभियान परिषद यात्रा का समंवय करेगी. संत गण, समाजसेवी, बुदिजीवी सहित समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ा जाएगा. आगामी 22 जनवरी को ओंकारेश्वर में पूरे प्रदेश की सहभागिता से प्रतिमा स्थापना का कार्यक्रम आयोजित होगा. यह यात्रा प्रदेश में सामाजिक समरसता और एकता का जन-जागरण अभियान है. इसके माध्यम से संस्कार देने की प्राचीन परम्परा को पुनर्जीवित किया जा रहा है. बताया गया है कि यात्रा के साथ युवा बैंड भी रहेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी यात्रा को सर्वव्यापी बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ें. इस अद्वितीय और अदभूत अभियान का नेत्तृव संत गण करेंगे. आदि शंकराचार्य ने भारत को सांस्कृतिक रूप से एक किया था. उन्होंने अद्वेत दर्शन दिया और देश की चारों दिशाओं में चार धामों की स्थापना की. ओंकारेश्वर में उनकी विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी. एकात्म यात्रा के दौरान प्रदेश की प्रत्येक पंचायत और नगरों के वार्डो से धातु के कलश में मिट्टी एकत्रित की जाएगी जिसका उपयोग प्रतिमा के आधार निर्माण में किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य समाज को एकात्म करना है. प्रदेश के उज्जैन, ओंकारेश्वर, पचमठा और अमरकंटक से यह यात्रा निकलेगी . यात्रा के दौरान जनसंवाद के कार्यक्रम होंगे. इस दौरान स्थानीय भजन मंडलिया प्रस्तुति देंगी. संकल्प पत्र का वाचन किया जाएगा. हर जिले में दो मुख्य जनसंवाद के कार्यक्रम होंगे. संभाग मुख्यालय पर आदि शंकराचार्य स्त्रोत का समूह गायन होगा. इसके अलावा चित्रकला, निबंध और श्लोक गायन प्रतियोगिता भी होगी.
जनअभियान परिषद यात्रा का समंवय करेगी. संत गण, समाजसेवी, बुदिजीवी सहित समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ा जाएगा. आगामी 22 जनवरी को ओंकारेश्वर में पूरे प्रदेश की सहभागिता से प्रतिमा स्थापना का कार्यक्रम आयोजित होगा. यह यात्रा प्रदेश में सामाजिक समरसता और एकता का जन-जागरण अभियान है. इसके माध्यम से संस्कार देने की प्राचीन परम्परा को पुनर्जीवित किया जा रहा है. बताया गया है कि यात्रा के साथ युवा बैंड भी रहेगा.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें