गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

पहली शासकीय बोन-मेरो ट्रांसप्लांट यूनिट इंदौर में

 एम.वाय. हॉस्पिटल में होगा बोन-मेरो ट्रांसप्लांट 
मध्यप्रदेश में भी शासकीय अस्पताल में पहली बार बोन-मेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा राज्य सरकार उपलब्ध कराने जा रही है. आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिवशेखर शुक्ला ने बताया है कि शीघ्र ही इंदौर के महाराजा यशवंतराव हॉस्पिटल में बोन-मेरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की जा रही है. ट्रांसप्लांट की शुरूआत थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों से की जाएगी. इसके बाद यह सुविधा सिकलसेन ऐनीमिया, ल्यूकेमिया से पीड़ित बच्चों को उपलब्ध करवाई जाएगी. ट्रांसप्लांट के लिए 12 साल से कम उम्र के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने बताया कि बोन-मेरो ट्रांसप्लांट यूनिट एम.वाय. हॉस्पिटल की चौथी मंजिल पर संचालित होगी. इसके लिए महाराजा यशवंतराव हास्पिटल इंदौर को डेढ़ करोड़ की राशि बोन-मेरो ट्रांसप्लांट यूनिट में स्टेम सेल, एचएलए एवं सायटोमेट्री लैब की स्थापना हेतु आवश्यक उपकरणों के क्रय एवं अन्य कार्यों के लिए प्रदान की गई है. कोलंबिया विश्वविद्यालय यूएसए के सह-प्राध्यापक डॉ. प्रकाश सतवानी यूनिट की स्थापना के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे. साथ ही एम.वाय. हॉस्पिटल इंदौर के शिशु रोग विभाग के दो चिकित्सक को 6 माह की प्रशिक्षण की सुविधा कोलंबिया विश्वविद्यालय में दिया जाना सुनिश्चित कराएंगे. वर्तमान में दो चिकित्सक आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. 
ट्रांसप्लांट कार्य अप्रैल-2018 से किए जाने का लक्ष्य
बोन-मेरो ट्रांसप्लांट का कार्य अप्रैल-2018 से प्रारंभ किये जाने का लक्ष्य रखा गया है. शिविरों में एचएलए टाइपिंग के बाद प्रतीक्षा सूची जारी की जाएगी. ट्रांसप्लांट के लिये 12 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके स्वस्थ भाई-बहन डोनर के रूप में तैयार होंगे. साथ ही जिनका ट्रांसप्लांट सफल होने की संभावना ज्यादा रहेगी.

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