रविवार, 3 दिसंबर 2017

गैस कांड में विधवा हुई महिलाओं की बंद नहीं होगी पेंशन

 मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि विकास के नाम पर पर्यावरण को प्रदूषित करने की प्रवृति पर लगाना होगी रोक
विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाये रखना जरूरी है. विकास के नाम पर पर्यावरण को प्रदूषित करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना होगी. गैस त्रासदी के सभी प्रभावितों के इलाज और पुनर्वास के प्रयास लगातार जारी हैं. विधवा बहनों की पेंशन जारी रहेगी.
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने यह बात आज भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर आयोजित सर्वधर्म सभा में कही. उन्होंने कहा कि आज भोपाल गैस त्रासदी की 33वीं दु:खद बरसी है. अन्तर्मन पीड़ा से भरा हुआ है. मुख्यमंत्री ने 'सर्वधर्म प्रार्थना सभा' में सभी धर्मों के धर्मगुरुओं के साथ इस त्रासदी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति की चाह में दुनिया को ऐसा नहीं बनाये कि वह रहने लायक ही नहीं रहे. ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे पर्यावरण और जलवायु नहीं बिगड़े और धरती जहरीली नहीं हो. गैस प्रभावित विधवा महिलाओं की पेंशन जारी रहेगी. 3 दिसंबर 1984 की वह रात आज भी नहीं भूलती जब हमारा जिंदा शहर लाशों के ढेÞर में तब्दील हो गया था. यह ऐसी त्रासदी है जिसे भुलाया नहीं जा सकता. हमें यह विचार करना होगा कि भौतिक प्रगति की दौड़ में हम किस दिशा में जा रहे हैं? प्रगति की अंधी दौड़ धरती पर जीवन के अस्तित्व को ही खतरे में डाल रही है. विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाये रखना जरूरी है. विकास के नाम पर पर्यावरण को प्रदूषित करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना होगी. गैस त्रासदी के सभी प्रभावितों के इलाज और पुनर्वास के प्रयास लगातार जारी हैं. संकल्प लें कि अब ऐसी कोई त्रासदी दोबारा नहीं होने देंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विचार करना होगा कि भौतिक प्रगति की दौड़ में हम किस दिशा में जा रहे हैं? प्रगति की दौड़ धरती पर जीवन के अस्तित्व को ही खतरे में डाल रही है. उन्होंने कहा कि इस दु:खद घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना और श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. 
कफन ओढ़कर किया प्रदर्शन
भोपाल गैस हादसे की 33वीं बरसी पर आज रविवार की सुबह  लोगों ने कफन ओढ़कर राजभवन के सामने प्रदर्शन किया.भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग सुबह छह बजे राजभवन के सामने पहुंचे और सड़क पर सफेद कपड़ा (कफन) लेकर लेट गए. वे रविवार को एक संगठन द्वारा आयोजित 'रन फॉर रन' का विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि एक तरफ आधा भोपाल मातम मना रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्सव मनाया जा रहा है. भोपाल गैस पीड़ितों ने मैराथन कार्यक्रम का विरोध किया और इसे गलत बताया है. उनका कहना है कि इस कार्यक्रम को किसी और दिन भी किया जा सकता है. हम लोग इतने वर्षों से न्याय के लिए लड़ाई कर रहे है और इस तरह के आयोजन उसकी गंभीरता को कम कर रहे हैं. रेस के पहले सुबह पांच बजे गैस पीड़ितों ने कैंडल जलाकर हादसे में मारे गए लोगों के पहले श्रद्धांजलि दी और इसके बाद अपना विरोध जाहिर कर दिया. 


भाकपा ने किया विरोध
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने आज मंगलवारा चौराहे पर भोपाल गैस त्रासदी की 33 वीं बरसी पर सरकार का विरोध किया. भाकपा के शैलेन्द्र शैली ने कहा कि हम लगातार गैस पीड़ितों के साथ न्याय किए जाने की मांग कर रहे हैं, मगर केन्द्र और राज्य सरकारों ने अब तक गैस पीड़ितों को उनका अधिकार नहीं दिलाया है. उन्होंने कहा कि गैस पीड़ितों का न तो उचित इलाज किया जा रहा है और न ही उनके आर्थिक मदद ही दी जा रही है. गैस पीड़ित बस्तियों ने न तो शुद्ध पानी मिल रहा है और न ही लोगों के रहने के लिए उपयुक्त स्थान है.




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