नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवन-रेखा है और इसे स्वच्छ और निर्मल रखने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएंगे. नर्मदा नदी में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों से मल-जल की एक बूंद भी नहीं मिलने देंगे. प्रदेश के हर नागरिक को नर्मदा नदी को स्वच्छ बनाये रखने का संकल्प लेना चाहिए. यह हम सबका कर्त्तव्य है कि नर्मदा मैया को प्रदूषित न होने दें. माँ नर्मदा को साफ-सुथरा बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने माँ नर्मदा के किनारे बसे 18 शहर में सीवरेज प्लांट बनाने के लिए 1400 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है.यह बातें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सोमवार को जबलपुर के भटौली में अमृत योजना में 324 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले सीवरेज प्लांट एवं 149 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली जल प्रदाय योजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह से कही. चौहान ने जन-समूह को नर्मदा नदी को स्वच्छ बनाने का संकल्प दिलाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों को रहने के लिए जमीन उपलब्ध करवाएगी. प्रदेश में किसी भी गरीब को आवासीय जमीन के बिना नहीं रहने दिया जाएगा, जिनके पास आवास के लिए जमीन नहीं है उन्हें आवासीय जमीन का पट्टा दिया जाएगा.
महापौर सदानंद गोडबोले ने सीवरेज प्लांट एवं पेयजल प्रदाय योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सीवरेज प्लांट की योजना में जबलपुर में 195 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाइ जाएगी. इस योजना में 5 मल-जल शोधन संयंत्र का निर्माण किया जाएगा. भटौली में 149 करोड़ की जल प्रदाय योजना के बनने से जबलपुर शहर के जिन क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल नहीं पहुँच पा रहा था उन क्षेत्रों में भी शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जा सकेगा.
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