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अभिनेता प्रेम चोपड़ा का अभिनंदन किया गया. |
मध्यप्रदेश के खजुराहो मंदिरों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है. दूर देश के बड़ी संख्या में यहां पर लोग इन मंदिरों को देखते प्रतिवर्ष आते हैं. मगर यहां आने वाले को यह बात आश्चर्य में डालती है कि खजुराहो में एक भी सिनेमाघर नहीं है. ऐसा ही फिल्मी दुनिया से जुड़ी हस्तियां जब यहां चल रहे तीसरे अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में शामिल होने पहुंची और इस बात पर पता चला तो उन्हें आश्चर्य हुआ. सिनेमाघरों की अनुपल्बधता को देखते हुए यहां पर चल रहे फिल्म महोत्सव में 5 टपरा टाकीजें बनाई गई हैं.
मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा खजुराहो में आयोजित किए गए तीसरे फिल्म महोत्सव में फिल्म जगत की बड़ी हस्तियां शामिल हुई हैं. इन हस्तियों को जब इस बात का पता चला कि खजुराहो में फिल्म महोत्सव होता है, मगर यहां पर एक भी टाकीज नहीं है, इस पर उन्हें आश्चर्य हुआ. खुद निर्माता निर्देशक मनमोहन शेट्टी ने इस बात पर आश्चर्य जताया. उन्होंने कहा कि खजुराहो में सिनेमाघर न होने के बावजूद यहां पर फिल्म महोत्सव चल रहा है. हालांकि बाद में उन्होंने सिनेमाघर की यहां पर आवश्यकता पर जोर दिया. फिल्म समारोह में शामिल होने आए फिल्म निर्देशक गोविंद निहलानी ने कहा कि बुंदेलखंड में फिल्म निमाण की अपार संभावना है, पर फिल्म निर्माण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना की कमी शासन के सहयोग से ही पूरी की जा सकती है. फिल्म निर्माता निर्देशक रमेश सिप्पी ने कहा कि खजुराहो से देश के अन्य भागों से संपर्क और आवागमन के साधन बढ़ाया जाना चाहिए. खजुराहो में सिनेमाघरों की अनुपलब्धता को देखते हुए यहां पर 5 टपरा टाकीजों का निर्माण किया गया है, जिनमें फिल्मों का प्रदर्शन नि:शुल्क रखा गया है.
बैंडिंट क्वीन मेरे दिल के सबसे करीब
तीसरे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में फिल्म निर्देशक शेखर कपूर को प्राईड आफ इंडिया के सम्मान से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि में लंबे समय से पानी पर फिल्म बनाना चाहता हूं और पानी बुंदेलखंड की ज्वलंत समस्या है. उन्होंने कहा कि मैं बुंदेलखंड पर आधारित फिल्म बैंडिट क्वीन का निर्माण बुंदेलखंड की इसी धरती पर कर चुका है और यह फिल्म मेरे दिल के सबसे करीब है. इस फिल्म से मैं डरता भी हूं कि ऐसी फिल्म मैं अपनी जिंदगी में दोबारा बना भी पाऊंगा या नहीं. उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि जब मैंने मासूम फिल्म बनाई थी, तब मुझे निर्देशन को ज्ञान नहीं था और आज भी जब कोई नई फिल्म के बारे में सोचता हूं तो मुझे लगता है कि मुझे फिल्म निर्माण की कोई जानकारी नहीं है और इसलिए मैं हमेशा हर पल कुछ सीखने की कोशिश करता हूं.
ये हस्तियां पहुंची फिल्म महोत्सव में
खजुराहो में चल रहे तीसरे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में पहुंचे फिल्मकारों में रमेश सिप्पी, शेखर कपूर, मनमोहन शेट्टी, गोविंद निहलानी, प्रोड्यूसर गिल्ड के कुलदीप मक्कड़, अभिनेता प्रेम चोपड़ा, गोविंंद नामदेव, निता वशिष्ट, सुष्मिता मुखर्जी, भारती आचरेकर, राजा बुंदेला, रंजीत आदि हैं.

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