बुधवार, 20 दिसंबर 2017

सिंधिया की सौगंध, भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने तक नहीं पहनेंगे फूलों की माला

ज्योतिरादित्य सिंधिया
मध्यप्रदेश में उपचुनाव के साथ-साथ आगामी 2018 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति गर्माती नजर आने लगी है. सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया  अब खूलकर मैदान में आ गए हैं. सिंधिया ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कह दिया कि वे भाजपा की सरकार को जब तक उखाड़ नहीं फेंकेंगे तब तक फूलों की माला नहीं पहनेंगे.
मध्यप्रदेश मुंगावली और कोलारस विधानसभा के लिए उपचुनाव होने हैं. इन उपचुनावों में दोनों ही सीटों पर सिंधिया की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. यहां पर सिंधिया के खिलाफ वैसे तो भाजपा ने पूर्व से ही मोर्चा खोल रखा है. पहले से ही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा और उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया सक्रिय हैं. दोनों ही नेता समय-समय पर सिंधिया के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. लगातार अपने पर हो रहे हमलों को देख अब सिंधिया ने मुंगावली विधानसभा क्षेत्र के मीरकाबाद में एक कार्यक्रम में भाजपा को करारा जवाब दिया है. सिंधिया ने यहां पर शपथ ली है कि जब तक वे भाजपा की सरकार को उखाड़ नहीं फेंकेंगे तब तक फूलों की माला नहीं पहनेंगे. इतना ही नहीं सिंधिया ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पर भी हमला बोला है. सिंधिया ने कहा कि चौहान अपने आपको जनता का पुजारी कहते हैं, मगर आज यह देखने में आ रहा है कि पुजारी ही भगवान (जनता) को जेल भेज रहा है. चौहान को सत्ता से बेदखल करना चाहिए, यही उनका लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि चौहान जनता को झूठे आश्वासन दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि इनके झूठे आश्वासन से अब जनता परेशान हो चुकी है. उन्होंने जनता से आह्वान किया कि अब जब शिवराजसिंह चौहान आपके बीच आएं, तो उनसे अगर आप चंदा मामा मांगेंगे तो वे आश्वासन दे देंगे, मगर आपकों चंदा मामा नहीं मिलेगा. यह तो आप भी जानते हैं. सिंधिया ने कहा कि अब समय आ गया है कि इनकी बातों में न आकर इनकों एक पर्यटक की भांती खाली हाथ विदा कर दिया करें.
पवैया उतरें मैदान में
जयभानसिंह पवैया 
ग्वालियर के सिंधिया घराने के घोर विरोधी रहे राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जयभानसिंह पवैया ने एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कार्यकर्ताओं सिंधिया को कार्यकर्ताओं द्वारा श्रीमंत और महाराज करने का विरोध तेज कर दिया है. अशोक नगर में भारतीय जनता युवा मोर्चा के युवा सम्मेलन में वे अतिथि थे. मंच पर अपने उद्बोधन के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे महाराज और श्रीमंत जैसे सामंतवाद के प्रतीक शब्दों को बोलना छोड़ दें. इसके पूर्व भी पवैया सिंधिया के खिलाफ इसी तरह के बयान देते रहे हैं. पूर्व में वे सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे चुके थे कि शिलापट्टिका और भूमिपूजन के दौरान श्रीमंत शब्द नहीं लिखा दिखना चाहिए. इसके बाद हुए भूमिपूजन के कार्यक्रमों में कर्मचारी, अधिकारी श्रीमंत शब्द अंकित करने से बचते रहे हैं.
सिंधिया को स्कीन की परेशानी
सिंधिया द्वारा फूल माला न पहनने की शपथ लेने के बाद फिर उच्च शिक्षा मंत्री जयभानसिंह पवैया ने उनके खिलाफ विवादित बयान दिया है. पवैया ने कहा कि सिंधिया को स्कीन की परेशानी है, जिसके कारण वे फूलों की माला नहीं पहनते. उन्होंने कहा कि ग्वालियर में बीते तीन-चार माह से उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दे रखे हैं कि उन्हें सूत की माला ही पहना

एं. पवैया ने कहा कि मुंगावली उपचुनाव के बाद उन्हें माला पहनाने वाले भी नहीं मिलेंगे.

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