* उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने जताई चिंताउप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज संसद में महिला आरक्षण विधेयक के पारित नहीं होने पर चिंता जताते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए.
उपराष्ट्रपति ने यह चिंता आज राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान पर महिला स्व सहायता समूहों के राज्य स्तरीय सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए जताई. उन्होंने कहा कि कोई दल इसका विरोध नहीं कर रहा, लेकिन विधेयक आगे नहीं बढ़ रहा. इस विधेयक का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि संसद में इसको पारित करने के प्रयास हो रहे हैं. सभी दलों को आम सहमति से इस पर निर्णय लेना चाहिए. उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं की खुल कर तारीफ की. नोटबंदी से लेकर बैंक खाते खुलवाने का जिक्र किया. कई बार प्रधानमंत्री के नाम का जिक्र किया, लेकिन बाद में कहा कि वह आजकल राजनीति में नही हैं. उन्होंने कहा, 'शिवराज जी की पार्टी का सदस्य नही हूं. मैं अब संवैधानिक पद पर हूं.' उन्होंने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण दिए जाने की जरूरत बताते हुए कहा कि पहले ही इस काम में बहुत देर हो चुकी है, अब और देर नहीं होनी चाहिए.
विधेयक के बाद पता चलेगा पति की गति क्या होगी
उपराषट्रपति ने कहा कि 'अपने अब तक के राजनीतिक जीवन में मैं पहली बार महिलाओं के इतने बड़े सम्मेलन को देख रहा हूं. इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को एक जगह पर नहीं देखा. उन्होंने महिलाओं को बराबर का हक दिए जाने की वकालत करते हुए कहा कि पिता की संपत्ति में बेटा और बेटी को बराबर का हक मिलना चाहिए. निर्वाचित महिलाओं के स्थान पर उनके पतियों द्वारा काम किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, 'महिलाओं के आगे आने के बाद समाज में परिवर्तन आएगा. फिर पति की गति क्या होगी आप देखेंगे!' उन्होंने कहा कि स्त्री अब अबला नहीं, सबला है. मौका मिलने पर वह अपनी भूमिका बखूबी निभाती है.उन्होंने सरस्वती,लक्ष्मी और दुर्गा का उल्लेख करते हुए वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ,विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण का भी जिक्र किया.
शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को दिया जाएगा आरक्षण: शिवराज
सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपनी सरकार की योजनाएं गिनाईं. साथ ही घोषणा की कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा. वन विभाग को छोड़ सभी अन्य विभागों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि विधानसभा में पारित विधेयक का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह ऐलान भी किया कि इसको लेकर पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा. इस विधेयक में 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ बलात्कार करने बाले को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है.
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