दिल्ली के बाद अब मध्यप्रदेश में लाभ के पद के मामले में फंसे 116 विधायकों पर संकट मंडरा सकता है. आम आदमी पार्टी ने पूर्व में इन विधायकों की शिकायत चुनाव आयोग को की थी. शिकायत पर कार्रवाई न किए जाने को लेकर आज आप की प्रदेश इकाई ने निर्वाचन आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन किया. आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल के नेतृत्व में आप कार्यकर्ता आज दोपहर को प्रदेश निर्वाचन कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया. आप कार्यकर्ताओं ने मोदी विरोधी नारेबाजी की. आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के विधायकों पर जो कार्रवाई की, वह एकतरफा है. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर की गई है. अग्रवाल ने कहा कि लोकतंत्र को बनाने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की है. निर्वाचन आयोग अगर सत्ताधारी पार्टी के हाथ की कठपुतली बन जाएगा तो आजादी का क्या मतलब रहेगा. अग्रवाल ने कहा कि निर्वचन आयोग को हम किसी भी सत्ता या व्यक्ति का दलाल नहीं बनने देंगे. अग्रवाल ने सवाल किया कि डेढ़ साल पहले प्रदेश के 116 विधायकों के खिलाफ लाभ के पद के मामले में हमने शिकायत की थी, तो फिर क्यों अब तक उस शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने बताया कि हमने यह शिकायत 4 जुलाई 2016 को राज्यपाल के माध्यम से की थी. उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी जिस तरफ इशारा कर देते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कर देते हैं. आप कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग पर मोदी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया. चुनाव आयोग के विरोध में कार्यकर्ताओं जमकर नारेबाजी की और मध्यप्रदेश के 116 विधायकों पर भी कार्रवाई करने की मांग की.

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