कैबिनेट बैठक में विश्वकप की उपविजेता महिला क्रिकेट टीम को 50 लाख रुपए देने का लिया फैसलासरकार ने स्कूल उन्नयन के तहत 1736 स्कूलों में नए बिजली कनेक्शन देने और नए फर्नीचर पर 100 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दी. वहीं विश्व कप की उपविजेता महिला क्रिकेट टीम को भी 50 लाख रुपए देने का फैसला किया.
यह फैसला आज मंत्रिमंंडल की बैठक में लिया गया. बैठक में सरकार ने स्कूलोंं के उन्नयन के लिए 2020 तक के लिए योजना तैयार की हैं. इसके तहत प्रदेश के 820 हाई और 540 हायर सेकंडरी स्कूलों पर विभिन्न मदों में 468 करोड़ रुपए खर्च होंगे. माध्यमिक शालाओं में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए 100 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए. साथ ही सभी स्कूलों को बिजली कनेक्शन देने के लिए 65 करोड़ रुपए कैबिनेट ने मंजूर किए. विकास खंड स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रबंधन के लिए 40 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई. अलावा सरकार ने अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण नियम 1998 में सहरिया को शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी. सरकार ने रक्षा अनुसंधान संस्थान डीआरडीओ को मुरैना में 334 हैक्टेयर जमीन का हस्तांतरण किया जाएगा. वहीं मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत 363 करोड़ रुपए के काम होंगे. बैठक में ये भी तय किया गया कि विद्युत नियामक आयोग में अस्थाई 82 पदों को साल 2020 तक निरंतर रखा जाएगा.
बैठक आईसीसी वर्ल्ड कप की उपविजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम को 50 लाख रुपए देने का फैसला किया है. वहीं सरकार ने तीन वित्त वर्ष के लिए 90 करोड़ की राशि मंजूर की गई है. यह मंजूरी मिशन ओलम्पिक 2020 में प्रदेश के प्रतिभान खिलाड़ियों द्वारा देश का प्रतिनिधित्व कर पदक प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रदान की गई है. इसके साथ ही आगामी एशियाई खेलों, जो इसी वर्ष हो रहे हैं उनमें भी प्रदेश के खिलाड़ी श्रेष्ठ प्रदर्शन करे इस दृष्टि से 76 प्रतिभाओं का चयन कर उन्हें देश-विदेश में प्रशिक्षण दिलवाने का प्रावधान किया गया है. बैठक में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए एक अन्य एजेण्डा में अगले तीन वर्ष के लिए पुरस्कार और खेल वृत्ति सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन आदि के लिए 90 करोड़ रुपए की राशि भी मंजूर की.
कैबिनेट बैठक के अन्य फैसले
* राज्य में बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए मंत्रालय स्तर पर समन्वय के लिए आपदा प्रबंधन कक्ष गठन और कुल सात स्थाई पदों की सृजन की मंजूरी प्रदान की. इन पदों में उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी का एक-एक पद भी शामिल हैं.
* गृह विभाग के अंतर्गत राज्य के पुलिस थाना परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए कुल राशि 9 करोड़ 92 लाख रुपए की राशि मंजूर की. राज्य में 1095 थाने और 579 चौकियां संचालित की जा रही हैं.
* राजस्व विभाग के अंतर्गत भू-अभिलेख जिला प्रशासन के स्तरों में सुधार की योजना के क्रियांवयन के लिए वर्तमान वित्त वर्ष सहित तीन वित्त वर्ष के लिए 55 करोड़ 34 लाख की रुपए की राशि मंजूर की. सुधार के अंतर्गत राजस्व निरीक्षक, पटवारी कार्यालय सह आवास भवन निर्माण के कार्य शामिल है.
* ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विद्युत नियामक आयोग के लिए मंत्रि-परिषद ने स्वीकृत 82 अस्थाई पदों की 1 मार्च 2018 के पश्चात निरंतरता के संबंध में निर्णय लिया. निर्णय के अनुसार इन 82 अस्थायी पदों की 31 मार्च 2020 तक निरंतरता की स्वीकृति का निर्णय लिया गया है.
* नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत अमृत योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर रखे जाने एवं भारत सरकार द्वारा अमृत मिशन के अंतर्गत शहरी सुधार कार्यक्रम पूर्ण करने पर दी जाने वाली 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि पर राज्य का अंश प्राप्त करने का निर्णय लिया. योजना में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्राप्त की गई राशि 97.20 करोड़ को शामिल किया जाएगा.
* • राज्य में हर घर में नल और हर नल में जल के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. लोगों को घर-घर पेयजल पहुंचाने की सरकार की प्राथमिकता के तहत मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना भी वर्ष 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 में निरंतर रखने की मंजूरी प्रदान की गई.
* पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति की 55वीं बैठक के फैसलों से अवगत करवाया गया. पंचायत विभाग के ही अंतर्गत विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को सुचारू संचालन के लिए 2065 अस्थायी पदों की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई.
* सामाजिक न्याय एवं निशक्त कल्याण विभाग के अंतर्गत अंध-मूक बधिर शालाओं के लिए अनुदान योजना में तीन वर्ष के लिए 2650 लाख की राशि का निर्धारित कर निरंतरता का निर्णय लिया गया. इसी विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना को तीन वर्ष निरंतर रखने के लिए 8275.00 लाख की राशि के अनुमोदन का निर्णय लिया गया.
* जल संसाधन के अंतर्गत दमोह जिले में पंचमनगर काम्पलेक्स में निर्मित पगरा बांध के डूब क्षेत्र के बाहर स्थित ग्राम बमाना के शेष परिवारों को 6.70 करोड़ रुपए की राशि अनुदान के रूप में भुगतान में मंजूरी प्रदान की. पूर्व में पगरा बांध के डूब क्षेत्र के 11 ग्राम जिनमें 4 पूर्णत: और 7 आंशिक डूब में है, उनके लिए मूल्याकंन कर राशि का प्रावधान किया गया था. बमाना ग्राम के 185 मकानों का मूल्यांकन कर 6.43 करोड़ रुपए का प्रावधान डीपीआर में किया गया.
* सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत नवीन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र भवनों के निर्माण के लिए वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक दस करोड़ रुपए की राशि निर्धारण कर निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई.
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