कैबिनेट का फैसला, एक साल के लिए बढ़ाई कपास पर मिलने वाली मंडी छूट
मध्यप्रदेश सरकार ने फैसला लिया कि मध्यप्रदेश में आरटीआई 2020 तक लागू रहेगा, इसके अलावा प्रदेश के सुशासन मेडिकल कालेजों में नियुक्ति के लिए आदर्श नियम बनाए जाएंगे. किसानों को कपास पर दी जा रही 1 फीसदी की मंडी छूट आगामी 1 साल के लिए बढ़ाने का फैसला आज सरकार ने लिया है.
राज्य मंत्रालय में आज हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने ये फैसले लिए. बैठक में आरटीआई प्रदेश में 2020 तक लागू रखने का फैसला लिया है. इसमें निजी स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति के तौर पर 1706 करोड़ों रुपए दिए जाने का फैसला लिया गया. अनिवार्य शिक्षा के तहत 6 से 14 साल के बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने की व्यवस्था निजी स्कूलों में रखी गई है. कैबिनेट में ये भी तय किया गया कि 41 जिलों में संचालित उत्कृष्ट स्कूल के लिए छात्रावास भी बनाए जाएंगे. जहां फिलहाल छात्रावास नहीं है वहां निजी भवन को किराए पर लेकर छात्रावास की व्यवस्था बनाई जाएगी, सरकार ने ये भी तय किया है कि 1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त हुए राज्य के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और पेंशन पार्ट फाइनल निकालने की अनुमति होगी. सरकार ने इसके लिए सिविल सेवा नियमों में संशोधन करने को भी मंजूरी दी.
कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत तय किया गया कि प्रदेश के सुशासन मेडिकल कालेजों में नियुक्ति के लिए आदर्श नियम रहेंगे. अब यहां राज्य लोक सेवा आयोग की जगह कमिश्नर की अध्यक्षता में बनने वाली समिति के माध्यम से नियुक्ति होंगी. वहीं नए नियम बनाने के लिए प्रचार समिति को अधिकृत किया गया. कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी उसमें संबंधित कालेज के डीन सदस्य होंगे, साथ ही जिस विषय की नियुक्ति की जानी होगी उससे संबंधित विशेषज्ञ भी रखे जाएंगे. इससे प्रदेश में खुलने वाले साथ में मेडिकल कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया आसान होगी. प्रदेश सरकार ने कपास पर दी जा रही मंडी छूट को अगले 1 साल के लिए बढ़ाने का भी फैसला किया. वहीं सरकार ने न्यायाधीशों को अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की तरह 300 दिन के अवकाश नगदीकरण की सुविधा को भी मंजूरी दी.
कैबिनेट बैठक के अन्य फैसले
* लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत चार जिलों बुरहानपुर, अनूपपुर, अशोकनगर और आगर-मालवा में जिला मुख्यालय पर मलेरिया अधिकारी के नवीन कार्यालय की स्थापना के लिए 84 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.
•* राज्य के न्यायिक अधिकारियों को सेवानिवृत्त होने पर 240 दिन के अर्जित अवकाश के नगदीकरण के स्थान पर अर्द्धवैतनिक अवकाश को शामिल करते हुए 300 दिन अर्जित अवकाश मंजूर करने का निर्णय लिया.
•* अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत विद्यार्थी कल्याण सहायता योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 की अवधि के लिए निरंतर रखे जाने एवं इसके लिए आवश्यक बजट की स्वीकृति प्रदान की गई.
•* राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के सिविल सेवा एवं सिविल पदों पर 1 जनवरी 2005 या उसके बाद नियुक्त शासकीय सेवकों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम-1974 के प्रावधानों के अनुरूप मृत्यु सह सेवानिवृत्ति उपादान स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया.
•* पर्यटन विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों को अम्ब्रेला स्कीम में शामिल करते हुए इसके लिए तीन वित्त वर्ष में 300 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की गई. इस निर्णय से प्रदेश के ह्रदय प्रदेश मध्यप्रदेश में पर्यटकों के लिए सांस्कृतिक विरासत, नैसर्गिक सौन्दर्य, कलात्मक मंदिर, स्तूप, वैभवशाली किले और राजप्रसाद, पुरातत्वीय महत्व के स्मारक नया महत्व प्राप्त करेंगे. इन केन्द्रों में से अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के केन्द्र हैं.
मध्यप्रदेश सरकार ने फैसला लिया कि मध्यप्रदेश में आरटीआई 2020 तक लागू रहेगा, इसके अलावा प्रदेश के सुशासन मेडिकल कालेजों में नियुक्ति के लिए आदर्श नियम बनाए जाएंगे. किसानों को कपास पर दी जा रही 1 फीसदी की मंडी छूट आगामी 1 साल के लिए बढ़ाने का फैसला आज सरकार ने लिया है.
राज्य मंत्रालय में आज हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने ये फैसले लिए. बैठक में आरटीआई प्रदेश में 2020 तक लागू रखने का फैसला लिया है. इसमें निजी स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति के तौर पर 1706 करोड़ों रुपए दिए जाने का फैसला लिया गया. अनिवार्य शिक्षा के तहत 6 से 14 साल के बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने की व्यवस्था निजी स्कूलों में रखी गई है. कैबिनेट में ये भी तय किया गया कि 41 जिलों में संचालित उत्कृष्ट स्कूल के लिए छात्रावास भी बनाए जाएंगे. जहां फिलहाल छात्रावास नहीं है वहां निजी भवन को किराए पर लेकर छात्रावास की व्यवस्था बनाई जाएगी, सरकार ने ये भी तय किया है कि 1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त हुए राज्य के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और पेंशन पार्ट फाइनल निकालने की अनुमति होगी. सरकार ने इसके लिए सिविल सेवा नियमों में संशोधन करने को भी मंजूरी दी.
![]() |
| शिवराजसिंंह चौहान |
कैबिनेट बैठक के अन्य फैसले
* लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत चार जिलों बुरहानपुर, अनूपपुर, अशोकनगर और आगर-मालवा में जिला मुख्यालय पर मलेरिया अधिकारी के नवीन कार्यालय की स्थापना के लिए 84 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.
•* राज्य के न्यायिक अधिकारियों को सेवानिवृत्त होने पर 240 दिन के अर्जित अवकाश के नगदीकरण के स्थान पर अर्द्धवैतनिक अवकाश को शामिल करते हुए 300 दिन अर्जित अवकाश मंजूर करने का निर्णय लिया.
•* अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत विद्यार्थी कल्याण सहायता योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 की अवधि के लिए निरंतर रखे जाने एवं इसके लिए आवश्यक बजट की स्वीकृति प्रदान की गई.
•* राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के सिविल सेवा एवं सिविल पदों पर 1 जनवरी 2005 या उसके बाद नियुक्त शासकीय सेवकों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम-1974 के प्रावधानों के अनुरूप मृत्यु सह सेवानिवृत्ति उपादान स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया.
•* पर्यटन विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों को अम्ब्रेला स्कीम में शामिल करते हुए इसके लिए तीन वित्त वर्ष में 300 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की गई. इस निर्णय से प्रदेश के ह्रदय प्रदेश मध्यप्रदेश में पर्यटकों के लिए सांस्कृतिक विरासत, नैसर्गिक सौन्दर्य, कलात्मक मंदिर, स्तूप, वैभवशाली किले और राजप्रसाद, पुरातत्वीय महत्व के स्मारक नया महत्व प्राप्त करेंगे. इन केन्द्रों में से अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के केन्द्र हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें