मंगलवार, 9 जनवरी 2018

सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, हड़ताल पर अडिग

तहसीलदार, नायब तहसीदारों ने शुरु की हड़ताल, संविदा कर्मचारी मांगेंगे भीख
प्रदेश सरकार के लिए अब कर्मचारी संकट बनते जा रहे हैं. कर्मचारी संघों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मान्यता प्राप्त इन कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल करने की चेतावनी भी दे दी है. वहीं तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों ने आज से हड़ताल शुरु करदी है.
प्रदेश में कर्मचारियों का असंतोष सरकार के प्रति अब भड़कता नजर आ रहा है. लंबे समय से अपनी मांगों को मनवाने के लिए धरना, प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अब खुलकर सड़क पर उतरने की बात कही है. कर्मचारियों ने सरकार को हड़ताल की चेतावनी दी है. मंत्रालय कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, लघुवेतन कर्मचारी संघ, लिपिक कर्मचारी संघ ने अपर प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग के साथ बैठक कर कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की. बैठक के बाद मंत्रालय कर्मचारी संघ के इंजीनियर सुधीर नायक, सुभाष वर्मा ,मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के लक्ष्मीनारायण शर्मा, विजय रघुवंशी लघुवेतन कर्मचारी संघ के महेन्द्र शर्मा सुरेश शर्मा लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ के टी.पी अग्निहोत्री ने बताया कि बैठक में हमने मांग पत्र सौंपा है. उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार ने आश्वासन तो दिया है, मगर कर्मचारी हड़ताल पर अडिग हैं. कर्मचारी नेताओं ने बताया कि  आगामी 17 18 एवं 19 जनवरी को प्रस्तावित भूख हड़ताल पर रहने की बात भी सरकार को बता दी है. आंदोलन की अगली रणनीति पर विचार करने के लिए चारों संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक बुलाई जा रही है .
तसहीलदार, नायब तहसीलदार हड़ताल पर 
प्रदेश के करीब 700 तहसीलदार और नायब तहसीलदार आज आज  से तीन दिन की हड़ताल पर हैं. तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने यह हड़ताल मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की एक घोषणा पर शुरू की है. बीते दिनों मुख्यमंत्री ने मंदसौर जिले के भानपुरा गांव में आयोजित एक सभा में कहा था कि यदि कोई व्यक्ति तीन महीने पुराना अविवादित नामांतरण या बंटवारे के लंबित प्रकरण की जानकारी देता है, तो उसे एक लाख रुपए इनाम दिया जाएगा. यह राशि अधिकारी व कर्मचारी से वसूली जाएगी. हड़ताल पर बैठे तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का कहना है कि सीएम चौहान की यह घोषणा राजस्व अधिकारी व कर्मचारियों के लिए अमानवीय है. हड़तालियों की मानें तो उन्होंने शासन से इस घोषणा के आदेश को 8 जनवरी तक निरस्त करने की चेतावनी भी दी थी. हड़तालियों का कहना है सोमवार तक आदेश निरस्त नहीं करने के विरोध में सभी तहसीलदार और नायब तहसीदार आज मंगलवार से 11 जनवरी तक हड़ताल शुरु की है. इसके बाद भी यदि सरकार ने इस आदेश को निरस्त नहीं किया, तो वह लोग सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
संविदा कर्मचारी मांगेंगे भीख
मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी संघ ने लंबे समय से संविदा कर्मचारियों की मांग पूरी न करने पर सरकार को चेतावनी दी है कि अब वे प्रदेश में होने वाले मुंगावली एवं कोलारस उपचुनाव के दौरान वहां जाकर मतदाता से भीख मांगेंगे. संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि संविदा कर्मचारियों को पद से हटाए जाने और नियमितिकरण सहित अन्य मांगों को लेकर संविदा कर्मचारी लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं, मगर सरकार उनकी मांगों पर गंभीर नहीं है. इसलिए संघ की बैठक में यह निर्णय लिया कि अब संविदा कर्मचारी मुंगावली और कोलारस पहुुंचकर भीख मांगेंगे.

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