शनिवार, 20 जनवरी 2018

20 लाख की धोखाधड़ी करने का किया पर्दाफाश

 खरगोन कोतवाली पुलिस ने किसानो के केसीसी लोन के नाम पर खरगोन स्थित यूको और सिंडिकेट बैंकों से 20 लाख रूपए की धोखाधड़ी करने के मामले में गिरोह का बड़ा पदार्फाश किया है. और नौ आरोपियों को गिरप्तार किया है. गिरप्तार आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल है. इनमें से एक महिला को जेल भेज दिया है. ये सभी आरोपी मिलकर किसानों के दस्तावेजों में नकली सील और सिक्के लगाने के बाद हेरीफेरी कर लाखों रूपए का लोन हडप लेते थे. अतिरिक्त पुंलिस अधीक्षक अंतरसिंह कनेश ने पुलिस खुलासा करते हुए बताया कि खरगोन जिले के सेगांव ब्लॉक के बांड्यापुरा निवासी 55 वर्षीय मुख्य आरोपी और पेशे से शिक्षक बोंदरसिंह सोलंकी और उसकी पत्नी बसंतीबाई द्वारा यूको और सिंडिंकेट बैंक में आनंदीलाल महाजन और राधाबाई महाजन बनकर सिंडिकेट और यूको बैंक से नकली दस्तावेज और सील सिक्के लगाकर 10-10 लाख रूपए का केसीसी लोन हड़प लिया, जबकि राधाबाई महाजन की मौत हुए कई वर्ष बीत चुके है. लाखों रूपए की इस धोखाधड2ी में आरोपी प्रकाश पाटीदार, विनोद पाटीदार, श्रीराम पाटीदार, विनोद शुक्ला, मनीष पटेल, जितेन्द्र कुशवाह और संतोषीबाई यादव द्वारा बैंकों में जाकर नकली सील और दस्तावेज तैयार कर लाखों रूपए का लोन हडपने में शामिल थे. एएसपी  कनेश ने बताया कि वर्ष 2014 में मुख्य आरोपी बोंदरसिंह सोलंकी द्वारा यूको और सिंडिकेट बैंकों के माध्यम से 10-10 लाख रूपए का लोन लिया था. आरोपी द्वारा मृत राधाबाई के नाम से अपनी पत्नी बसंतीबाई सोलंकी के वोटर आईडी में फर्जी फोटो लगाकर लोन लिया था. ये सभी आरोपी एक गिरोह बनाकर केसीसी लोन वाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके नाम से नकली दस्तावेज तैयार कर बैंकों से लोन निकाल लेते थे. इस मामले में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता होगी तो जांच के बाद उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा. पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज और सील-सिक्के जप्त किए गए है. 

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