पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय तिवारी का अंतिम संस्कार
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी का आज रीवा में अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष अजयसिंंह और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रविवार की सुबह रीवा पहुंचे. मुख्यमंत्री ने दिवंगत पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी को श्रद्धा सुमन अर्पित किये. मुख्यमंत्री सैनिक स्कूल रीवा के हैलीपेड से सीधे तिवारी के निवास स्थान अमहिया पहुंचे उन्होंने तिवारी के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने तिवारी के पुत्र एवं विधायक गुढ़ सुन्दरलाल तिवारी तथा पौत्र विवेक तिवारी बावला को सांत्वना दी. इस अवसर पर स्वर्गीय तिवारी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय तिवारी ने जीवन भर गरीबों तथा वंचितों के लिए संघर्ष किया, उनका जीवन ज्ञान और कर्म का अद्भुत संगम था. उनकी राजनीति की अपनी अनूठी शैली थी. उन्होंने समाजवादी विचारधारा का जीवनभर अनुशरण करते हुए गरीबों के कल्याण के लिए सदा प्रयास किया. दादा स्पष्ट वक्ता थे, अपने दल के बडेÞ नेताओं से भी उचित बात कहने में कभी पीछे नहीं रहते थे. तिवारी को संसदीय परंपराओं तथा नियमों का गहन ज्ञान था. उन्होंने विधानसभा के उपाध्यक्ष तथा दो बार अध्यक्ष के रूप में शानदार कार्य किया. उन्होंने विपक्ष के विधायकों को भी अपनी बात कहने का पूरा अवसर दिया. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे तथा परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करे.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी का आज रीवा में अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष अजयसिंंह और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रविवार की सुबह रीवा पहुंचे. मुख्यमंत्री ने दिवंगत पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी को श्रद्धा सुमन अर्पित किये. मुख्यमंत्री सैनिक स्कूल रीवा के हैलीपेड से सीधे तिवारी के निवास स्थान अमहिया पहुंचे उन्होंने तिवारी के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने तिवारी के पुत्र एवं विधायक गुढ़ सुन्दरलाल तिवारी तथा पौत्र विवेक तिवारी बावला को सांत्वना दी. इस अवसर पर स्वर्गीय तिवारी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय तिवारी ने जीवन भर गरीबों तथा वंचितों के लिए संघर्ष किया, उनका जीवन ज्ञान और कर्म का अद्भुत संगम था. उनकी राजनीति की अपनी अनूठी शैली थी. उन्होंने समाजवादी विचारधारा का जीवनभर अनुशरण करते हुए गरीबों के कल्याण के लिए सदा प्रयास किया. दादा स्पष्ट वक्ता थे, अपने दल के बडेÞ नेताओं से भी उचित बात कहने में कभी पीछे नहीं रहते थे. तिवारी को संसदीय परंपराओं तथा नियमों का गहन ज्ञान था. उन्होंने विधानसभा के उपाध्यक्ष तथा दो बार अध्यक्ष के रूप में शानदार कार्य किया. उन्होंने विपक्ष के विधायकों को भी अपनी बात कहने का पूरा अवसर दिया. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे तथा परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करे.

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